विकास वर्मा (पूर्णिया) . शहर में लगातार हो रही मोबाइल छिनतई, चेन स्नैचिंग और बाइक लूट की घटनाओं पर पूर्णिया पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. एसएसपी शौर्य सुमन के निर्देश पर अपराधियों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. पुलिस जांच में सामने आया है कि शहर में दो बड़े गिरोह सक्रिय हैं, जिनमें एक पूर्णिया और दूसरा कटिहार जिले से संचालित होता है. पूर्णिया गिरोह के 29 अपराधियों को पुलिस ने चिह्नित कर लिया है. सदर एसडीपीओ-1 अभिनव परासर ने बताया कि सभी आरोपियों के नाम और मोबाइल नंबर पुलिस के पास हैं तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी की जा रही है.
तीन अपराधियों की गिरफ्तारी से मिला अहम सुराग
एसडीपीओ ने बताया कि 16 जून की रात डीएवी चौक पर एक सैलून संचालक को गोली मारकर मोबाइल लूटने के मामले में पुलिस ने सोमवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे एक संगठित सिंडिकेट का हिस्सा हैं, जिसमें कुल 29 अपराधी शामिल हैं. यह गिरोह शहर के अलग-अलग इलाकों में छिनतई और लूट की वारदातों को अंजाम देता है.
चाय दुकानदार से होकर नेपाल तक पहुंचते थे छीने गये मोबाइल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि छीने गये मोबाइल पहले आशीष पोद्दार नामक एक चाय दुकानदार के पास पहुंचते थे. वहां से उन्हें अररिया के रास्ते नेपाल भेज दिया जाता था. पुलिस अब पूर्णिया और कटिहार के गिरोहों के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि दोनों गिरोह मिलकर वारदातों को अंजाम देते हैं या अलग-अलग काम करते हैं.
अनुसंधान में यह भी स्पष्ट हुआ है कि शहर में राहगीरों, महिलाओं और आम लोगों को निशाना बनाने के पीछे संगठित गिरोह सक्रिय हैं. ये अपराधी मौका मिलते ही मोबाइल, चेन और बाइक छिनतई जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं.
शहरभर में चल रही छापेमारी
सदर एसडीपीओ-1 अभिनव परासर ने बताया कि दोनों गिरोहों के चिह्नित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है. शहर के विभिन्न संभावित ठिकानों और अपराधियों के छिपे होने वाले इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी शातिर अपराधी सलाखों के पीछे होंगे, जिससे शहरवासियों को छिनतई और लूट की घटनाओं से राहत मिलेगी. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है.
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