सर्द हवाओं से लोग बेहाल, जीएमसीएच में मरीजों की भीड़

जीएमसीएच में मरीजों की भीड़

आनेवालों में 30 प्रतिशत ठंड तो 25 प्रतिशत हड्डी की समस्या से प्रभावित लोग शामिल

पूर्णिया. जिले में तापमान का पारा गिरने लगा है साथ ही पछुआ हवा ने वातावरण में ठंडक बढ़ा दी है. सुबह सवेरे देर तक कुहासा की वजह से इन दिनों सूर्य देव भी कोहरे में लिपटे नजर आ रहे हैं. जिले में ठंड ने अब अपना असली रूप लेना शुरू कर दिया है. इस बढ़ते ठण्ड का लोगों के स्वास्थ्य पर खासा असर देखा जा रहा है. इलाज के सिलसिले में आनेवालों में 30 प्रतिशत ठंड तो 25 प्रतिशत हड्डी की समस्या से प्रभावित लोग प्रतिदिन जीएमसीएच पहुंच रहे हैं. बच्चों में सर्दी, खांसी, कफ और बुखार की शिकायत आ रही है. इस मौसम की चपेट में केवल छोटे बच्चे ही नहीं बल्कि बड़े बुजुर्ग भी आ रहे हैं. उनमें भी वायरल फीवर और कफ व खांसी की शिकायत बढ़ गयी है. इसके अलावा उच्च रक्तचाप व हड्डी से संबंधित मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. इस मामले में चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में अमूमन मानव शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं जिस वजह से शरीर में रक्त संचार प्रभावित होता है और ज़रा सा भी एक्सपोजर लगने से स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है. इनमें प्रभावित व्यक्ति को ब्रेन हैमरेज, हार्टअटैक और पक्षाघात भी हो सकते हैं.

भर्ती मरीजों की संख्या में आई गिरावट लेकिन ओपीडी में लगी भीड़

ठंड को देखते हुए इन दिनों जीएमसीएच में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में गिरावट देखी जा रही है लेकिन ओपीडी में लगातार मरीजों की बड़ी संख्या में उपस्थिति बन रही है. यही हाल निजी चिकित्सकों के यहां भी है. चिकित्सकों ने शुगर, हार्ट, बीपी व दमा मरीज के अलावा वैसे बच्चे जो स्वास्थ्य के मामले में कमजोर हैं और जिन्हें न्यूमोनिया की शिकायत रहती है उन सभी को सावधान रहने को कहा है. दूसरी ओर रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए पौष्टिक और ताजे भोजन पर ध्यान दिया जाना बेहद जरूरी बताते हुए कहा है कि इस मौसम में विटामिन डी और सी युक्त पदार्थ जैसे नींबू और आंवले का सेवन लाभदायक है.

चिकित्सक की सलाह

– ठंड में गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें – हमेशा ताजा और गर्म भोजन के बाद गुनगुना पानी पीयें – ठंडे पेय पदाथों के सेवन से परहेज करें – ज्यादा तैलीय खाद्य पदार्थों से दूरी बनायें – नवजात शिशुओं को अधिक से अधिक स्तनपान करायें – बच्चों को पानी उबालकर या फिल्टर का पानी देना चाहिए – छोटे बच्चे के गीले कपड़े समय-समय पर बदलते रहें

बोले चिकित्सक

अब धीरे-धीरे ठंड का असर बढ़ने लगा है इससे सभी को बचने की जरूरत है. इन दिनों बीपी और शुगर के मरीज को विशेष सावधानी की जरुरत है इसे समय में ब्रेन हेमरेज व स्ट्रोक की समस्या बढ़ जाती है ऐसे में दवाइयां समय पर लें, ठंड से बचें, रेगुलर इनडोर एक्सरसाइज और डाइट का ख्याल रखें. जीएमसीएच में इन दिनों ठंड को लेकर ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. बच्चों में भी ठंड की समस्या देखी जा रही है.

डॉ विश्वनाथ झा, जीएमसीएच

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Author: SATYENDRA SINHA

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