सांसद ने जीएमसीएच के शिशु वार्ड का किया औचक निरीक्षण, बदहाल व्यवस्था देख भड़के

बदहाल व्यवस्था देख भड़के

पूर्णिया. पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शनिवार को जीएमसीएच के शिशु वार्ड का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अस्पताल की गंभीर कुव्यवस्था सामने आने पर सांसद काफी नाराज दिखे. उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि शिशु एवं माताओं के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्हें बंद लिफ्ट का संज्ञान भी लिया और ठेकेदार से बात कर फटकार लगाई. इसके बाद ठेकेदार को उन्होंने 2 महीने के अंदर सभी वार्ड में फर्नीचर, बेड और लिफ्ट ठीक करने का सख्त निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान शिशु वार्ड की हालत बेहद चिंताजनक पायी गयी.एक ही कमरे में ठंड से बचने के लिए झोपड़ी जैसी अस्थायी संरचना बनाकर 300 से अधिक महिलाएं रहने को मजबूर थीं. मरीजों और उनके परिजनों ने सांसद को बताया कि अस्पताल में सुविधा के नाम पर कुछ भी उपलब्ध नहीं है. दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं, जांचें निजी लैब में करानी पड़ रही हैं और रक्त की भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. इससे गरीब और ग्रामीण क्षेत्र से आए मरीजों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.सांसद पप्पू यादव के साथ निरीक्षण के दौरान अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट भी मौजूद थे. सांसद ने उन्हें स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि शिशु वार्ड से जुड़ी सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए. साथ ही सांसद ने जिलाधिकारी से फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी दी और तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान निकालने को कहा.इस दौरान सांसद ने निजी क्लीनिक और प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों से भी मानवीय अपील की. उन्होंने कहा कि 15 दिनों में बार-बार फीस लेने की बजाय 3 महीने में फीस ली जाए, ताकि आम और गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ कम हो. मौके पर डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ भरत डॉ दिनबंधू, सांसद प्रवक्ता राजेश यादव, सुडु यादव, अरुण यादव, गंगा पासवान आदि मौजूद थे.

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Author: ARUN KUMAR

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