इंतजार खत्म, मानसून अगले 24 घंटे में पकड़ेगा रफ्तार

शहर में बारिश नहीं पर मौसम है सुहाना

भीषण गर्मी से मिली काफी राहत, शहर में बारिश नहीं पर मौसम है सुहाना

आकाश में छाए रहे बादल, चलती रही ठंडी हवा और बीच में निकलती रही धूप

ग्रामीण इलाकों में कई जगह हुई है हल्की बारिश, खेती के लिए सुखद संकेत

पूर्णिया. इंतजार की घड़ी अब खत्म हुई. जिले के लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी. अपने जिले में मंगलवार को मानसून ने एंट्री ले ली है. अगले तीन दिनों के अंदर यह मानसून रफ्तार पकड़ लेगा. हालांकि जिले के कुछ ही इलाकों में मानसून की हल्की बारिश हुई है पर अगले 24 घंटे के अंदर जिले में मानसूनी बारिश का दौर शुरू हो जाएगा. मौसम विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले एक हफ्ते तक जोरदार बारिश की संभावना है जो खेती किसानी के लिए सुखद संकेत है. इस बीच पूर्णिया में अधिकतम तापमान 34.0 एवं न्यूनतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. इस दौरान आइएमडी की ओर से आगामी 19 जून को पूर्णिया समेत आसपास के जिलों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. आइएमडी के अनुसार, जिले में मंगलवार की रात तक मध्यम से तेज वर्षा का पूर्वानुमान है. इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है. इसी वजह से अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विज्ञान केन्द्र के प्रभारी धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि अगले 24 घंटे केलिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. उन्होंने बताया कि 20 जून से मानसूनी बारिश जोर पकड़ लेगी.

दरअसल, जिले के विभिन्न इलाकों में सोमवार की देर शाम से ही बारिश की गतिविधियां शुरू हो गईं है. जिला मुख्यालय में भी बूंदाबांदी हुई पर उमस बरकरार रहा. मंगलवार की सुबह से मौसम ने मिजाज बदल लिया. मंगलवार की सुबह से आसमान में आंशिक बादल छाए रहे.इस बीच ठंडी हवा चलती रही जबकि धूप भी थोड़ी-बहुत निकलती रही. इससे काफी हद तक गर्मी का असर कम हो गया. मौसम विभाग का कहना है कि अभी तक की स्थिति देखकर लगता है कि इस बार सामान्य या थोड़ा ज्यादा बारिश हो सकती है.

पिछले साल पांच दिन देर से आया था मानसून

उपलप्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 यानी पिछले साल पांच दिन विलंब 20 जून को मानसून आया था जबकि 2023 में एक दिन पहले 12 जून को समय से पहले ही आ गया था. इसी तरह 2022 निर्धारित समय 13 जून को मानसून का प्रवेश हो गया था. मौसम विभाग के जानकारों की मानें तो 2020 और 2021 में मानसून का प्रवेश माकूल समय पर हुआ था. बीच के सालों में मानसून के आने का सिलसिला लगातार अनियमित रहा क्योंकि मानसून की एंट्री में देरी हुई थी.

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