पूर्णिया. रमजान के मुकद्दस माह में सोमवार को रामबाग स्थित मिलिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में दावत-ए-इफ्तार का आयोजन कर सामाजिक एकता, भाईचारे का सौहार्द का संदेश दिया गया. भाईचारे के माहौल में आयोजित दावत-ए-इफ्तार में संस्थान के प्रोफ़ेसर, कर्मचारी, छात्र और अन्य गणमान्य लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे. कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के प्रिंसिपल डॉ शाकिब शकील द्वारा अजान देकर की गई. अजान के बाद सभी रोजेदारों ने सामूहिक रूप से इफ्तार किया और देश में अमन-चैन, तरक्की तथा भाईचारे की दुआ मांगी. इफ्तार के दौरान पूरे परिसर में एक सकारात्मक और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला. इस मौके पर संस्थान के डायरेक्टर डॉ. असद इमाम ने कहा कि रमजान का महीना आत्मसंयम, धैर्य और इंसानियत का पैगाम देता है. उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने का काम करते हैं. उन्होंने कहा कि मिलिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहता है. उन्होंने आगे कहा कि इफ्तार जैसे आयोजन केवल रोजा खोलने का अवसर नहीं होते, बल्कि यह लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और समाज में आपसी समझ को मजबूत करने का भी माध्यम बनते हैं. इस कार्यक्रम में सभी लोगों ने मिलकर रोजा खोला और रमजान की बरकतों को साझा किया. दावत-ए- इफ्तार के दौरान संस्थान के प्रोफ़ेसर, कर्मचारियों और छात्रों ने मिलकर व्यवस्था को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और सहयोग की भावना देखने को मिली. इफ्तार के बाद सभी ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी और देश व समाज की खुशहाली की कामना की. कार्यक्रम का माहौल बेहद खुशनुमा और भाईचारे से भरपूर रहा. इस अवसर पर संस्थान के कई प्रोफ़ेसर, कर्मचारी और छात्र उपस्थित थे, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया. कार्यक्रम के अंत में संस्थान के प्रिंसिपल ने इस मौके पर उपस्थित रजिस्ट्रार अरविंद आनंद, परीक्षा नियंत्रक निसाद अख्तर, इमरान आखिब, निजामुल हक, रितेश सिंह समेत संस्थान से जुड़े कई फैकल्टी सदस्य और कर्मचारी लोगों को धन्यवाद देते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही.
एमआईटी में आयोजित दावत-ए-इफ्तार में दिया गया सौहार्द का संदेश
रमजान
