डगरुआ में दर्दनाक हादसा, स्नान के बाद पानी का मोटर बंद करने गए व्यक्ति की करंट लगने से मौत, परिवार में कोहराम

Electrocution: पूर्णिया जिले के डगरुआ थाना क्षेत्र में बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण एक बड़ी अनहोनी सामने आई है. गरिया पुल के समीप एक गांव में स्नान करने के बाद भीगे बदन पानी के मोटर का स्विच ऑफ करने गए 40 वर्षीय व्यक्ति की करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई.

पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट

Electrocution: घरेलू बिजली उपकरणों के इस्तेमाल में जरा सी चूक या अनजाने में बरती गई लापरवाही किस कदर जानलेवा साबित हो सकती है, इसका एक बेहद दुखद उदाहरण पूर्णिया जिले के डगरुआ थाना क्षेत्र से सामने आया है. थाना क्षेत्र के गरिया पुल के नजदीक स्थित एक गांव में बुधवार को करंट लगने से एक व्यक्ति की असामयिक मौत हो गई. इस आकस्मिक हादसे के बाद से मृतक के घर और पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है. आनन-फानन में परिजन पीड़ित को इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

भीगे हाथों से स्विच छूते ही दौड़ा करंट, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

इस हृदयविदारक हादसे और इसके बाद के घटनाक्रम का विवरण निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:

  • मृतक की पहचान: स्थानीय सूत्रों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान डगरुआ थाना क्षेत्र के गरिया पुल के समीपवर्ती गांव निवासी मो. मुजीब (उम्र लगभग 40 वर्ष) के रूप में की गई है.
  • कैसे हुआ हादसा: परिजनों ने बताया कि मो. मुजीब रोजाना की तरह बुधवार को घर के चापाकल व मोटर के पास स्नान करने गए थे. स्नान करने के बाद वे वहां चल रहे पानी के मोटर को बंद करने के लिए बिजली के मुख्य स्विच बोर्ड के पास पहुंचे. बदन गीला होने और हाथ भीगे होने के कारण, जैसे ही उन्होंने स्विच को छुआ, बोर्ड में आए तकनीकी फॉल्ट (Current Leakage) की वजह से वे बिजली के हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए.

अस्पताल परिसर में गूंजी चीत्कार, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

परिजनों की तत्परता पर नाकाम रही कोशिश: करंट लगते ही मो. मुजीब जोर से चिल्लाकर जमीन पर गिर पड़े. जब तक घर के अन्य सदस्य बिजली का मेन स्विच बंद कर उन्हें बचाते, वे बुरी तरह अचेत और गंभीर हो चुके थे. परिजन बिना समय गंवाए उन्हें इलाज के लिए तत्काल राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) पूर्णिया लेकर पहुंचे. लेकिन अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के तुरंत बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.

जैसे ही डॉक्टरों ने मो. मुजीब को मृत घोषित किया, जीएमसीएच परिसर में मौजूद उनकी पत्नी, बच्चों और परिजनों की चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

बरसात और उमस के मौसम में बिजली उपकरणों से रहें सावधान: विशेषज्ञ

एक जरूरी सीख और जागरूकता:

यह दर्दनाक हादसा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है. अक्सर लोग अनजाने में भीगे बदन या भीगे हाथों से पानी के मोटर, हीटर, कूलर या सामान्य स्विच बोर्ड को छू लेते हैं, जो जानलेवा साबित होता है.

विद्युत विभाग के अभियंताओं और डॉक्टरों ने आम जनता से अपील की है कि जून के इस उमस और आने वाले मानसून के मौसम में दीवारों व बोर्ड में अर्थिंग या करंट आने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए बिजली के उपकरणों को हमेशा सूखे पैरों में चप्पल पहनकर और सूखे हाथों से ही छुएं. विशेषकर पानी के मोटर के पास कट-आउट या एमसीबी (MCB) का उपयोग जरूर करें ताकि किसी भी शॉर्ट-सर्किट की स्थिति में बिजली स्वतः कट जाए और ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके. स्थानीय पुलिस ने शव का पंचनामा कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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