पूर्णिया में ही बने राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का मुख्यालय : खेमका

खेमका बोले

पूर्णिया. विधायक विजय खेमका ने पूर्णिया में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का मुख्यालय बनाने की जोरदार मांग उठाई. उन्होंने कहा बिहार के कुल मखाना उत्पादन का लगभग 70 प्रतिशत मखाना उत्पादन पूर्णिया, कोसी और खगड़िया क्षेत्र में होता है. पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, सुपौल, मधेपुरा और सहरसा जलसंकट रहित क्षेत्र हैं, जहां सबसे ज्यादा मखाना उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं. विधायक ने बताया कि पूर्णिया स्थित भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय का 210 एकड़ परिसर मखाना के लिए आधिकारिक राष्ट्रीय नोडल केंद्र है. पूर्णिया सड़क, रेल और हवाई संपर्क से जुड़ा है. मखाना को एचएस कोड और जीआई टैग मिल चुका है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों से यह “सुपर फूड” के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुका है. विधायक श्री खेमका ने कहा है कि केंद्र की एनडीए सरकार द्वारा मखाना बोर्ड की घोषणा के बाद उसका मुख्यालय पूर्णिया में स्थापित करना मखाना का क्षेत्रीय स्तर पर वृहत उत्पादन,राष्ट्रीय क्रय विक्रय बाजार,एक्सपोर्ट तथा किसानों के हित में आवश्यक है. उन्होंने ईस्ट ब्लॉक महाराजपुर पंचायत के विश्वरुपा घाट पर आरसीसी पुल निर्माण, महाराजपुर प्लस टू उत्क्रमित उच्च विद्यालय में सभा भवन निर्माण की मांग भी सदन में रखी. कोसी नदी के कटाव से प्रभावित लालगंज किसान टोला, विक्रमपट्टी महलदार महादलित टोला, कवैया बरबन्ना आदिवासी टोला चौहान टोला में कटाव रोधी कार्य अंतर्गत बोल्डर पिचिंग कराने का मुद्दा भी सदन में उठाया. उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नए ट्रांसफॉर्मर अधिष्ठापन तथा बिजली के पोल केवल तार लगाने का निवेदन दिया तथा वीरपुर पोखरिया प्राचीन काली मंदिर परिसर की चारदीवारी निर्माण के विषय का पत्र सरकार के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजा. ———————————— पंडित दीनदयाल उपाध्याय को किया नमन पूर्णिया. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर विधायक विजय खेमका ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया. उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल जी केवल एक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं. उनके‘एकात्म मानववाद’ के सिद्धांत को आत्मसात कर भारतीय जनता पार्टी आज वटवृक्ष के रूप में विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर राष्ट्र सेवा में समर्पित है. विधायक ने कहा कि दीनदयाल जी ने अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को अधिकार दिलाने का जो संदेश दिया, उसी पथ पर चलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र से देश को नई दिशा दी है. आदिवासी, वंचित और पिछड़े वर्गों को सम्मान व मुख्यधारा में लाने का कार्य उनके विचारों की जीवंत अभिव्यक्ति है. इसका उदाहरण है कि आज आदिवासी समाज से आने वाली महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी देश के सर्वोच्च पद को सुशोभित कर रही हैं. इस अवसर पर विधायक ने स्वतंत्रता सेनानी तिलका मांझी की जयंती पर उन्हें भी नमन किया. विधायक ने आह्वान किया कि आज हमें दीनदयाल उपाध्याय जी के बताए मार्ग पर चलकर ‘देश प्रथम, फिर पार्टी, फिर स्वयं’ के संकल्प को आत्मसात करना होगा.

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