पूर्णिया. अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर सरकार की गलत व दोषपूर्ण नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत संयुक्त ट्रेड यूनियन के तत्वावधान में आक्रोश मार्च निकाला गया. आक्रोश मार्च के दौरान वाम दलों के नेता और सभी ट्रेड यूनियनों के नेता और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की और प्रदर्शन करते हुए मुखर रुप से अपनी मांगें रखी. प्रदर्शनकारियों ने श्रम कानून को रद्द करने, मनरेगा को पुनः बहाल करने, अमेरिका से सभी तरह के समझौता को रद्द करने के साथ-साथ पूर्णिया में टेंपो चालक, टोटो चालक, रिक्शा चालक से जबरन टैक्स वसूली, पुलिसिया जुल्म बंद करने एवं सड़क किनारे वर्षों से दुकान चलाने वाले गरीबों को उजाड़ने का अभियान बंद कर उन्हें विकल्प देने की मांग रखी. इस आक्रोश मार्च में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला सचिव सह जिला परिषद सदस्य कॉमरेड राजीव सिंह, भाकपा माले एआईसीसीटीयू के कामरेड इस्लाम उद्दीन, भाकपा के बुद्धिनाथ साह, तबारक हुसैन, शिवशंकर कुमार, हिन्द खेत मजदूर के सहिम अंसारी, आम आदमी पार्टी के मुखिया इरसाद पूरणवी जिलाध्यक्ष विकास झा, टेम्पो टोटो यूनियन के जिलाध्यक्ष लड्डू आलम, सचिव शिवशंकर सिह, फारवर्ड ब्लोक के किशोर यादव अपने कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए. इस मौके पर सीपीएम जिला सचिव सह जिला परिषद सदस्य राजीव कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा पूरे देश के लोगों पर काला कानून थोपा जा रहा है जो किसी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा. आक्रोश मार्च में भाकपा माले के कामरेड अविनाश, कॉमरेड,मुख्तार, रेणू यादव, चन्द्र किशोर शर्मा ,चनदेशवरी त्रॄषि, चन्द्रशेखर राय, छोटा इस्लाम, नन्दन, सीपीएम जिला कमेटी के सदस्य चंदन उरांव सरोज कुमार, गुड्डू महतो, मो. लुकमान, सूरज, सुधीलाल मुंडा खुंदरु उरांव, नारायण चौहान, इंदिरा देवी, शंकर ऋषि, मो. अख्तर, रंजीत पाल आदि मौजूद थे.
सरकार की नीतियों के खिलाफ वाम दलों ने निकाला आक्रोश मार्च, प्रदर्शन
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