पूर्णिया जिले के अमौर प्रखंड की ज्ञानडोभ पंचायत में कनकई नदी का कटाव लगातार भयावह होता जा रहा है. नगरा टोल सीमालबारी और मोदी टोला में नदी की तेज धारा धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ रही है. हालात ऐसे हैं कि दर्जनों परिवार अपने ही हाथों से घर तोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बाढ़ से ज्यादा डर नदी कटाव का है, जो हर दिन उनके आशियाने को निगल रहा है.
कटाव की जद में नगरा टोल सीमालबारी का पानी प्लांट, आंगनबाड़ी केंद्र और कई घर आ चुके हैं. प्रभावित परिवारों में दहशत का माहौल है. जल संसाधन विभाग की एसडीओ रेणु कुमारी ने बताया कि जल्द ही स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
नाव ही बना आवागमन का सहारा
करीब एक हजार की आबादी वाला नगरा टोल सीमालबारी और मोदी टोला चारों ओर से नदी से घिरा हुआ है. ग्रामीणों के अनुसार भाग गुंजर घाट पर चलने वाली नाव ही इन गांवों को प्रखंड मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से जोड़ती है. जलस्तर बढ़ने और कटाव तेज होने से लोगों का दैनिक जीवन भी प्रभावित हो गया है.
कटाव निरोधी कार्य नहीं आया काम
जिला परिषद प्रतिनिधि अफरोज आलम और समाजसेवी मुनाजिर आलम ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी कनकई नदी तेजी से कटाव कर रही है. ग्रामीणों मोईदुर रहमान, अबु दरदा, मोहिब उद्दीन, इरशाद आलम, अंजार आलम, साहिब आलम, मुन्ना मुस्ताक, रुखसाना और आदिल ने कहा कि कुछ दिन पहले विभाग की ओर से कराया गया कटाव निरोधी कार्य नदी की तेज धारा के सामने पूरी तरह बेअसर साबित हुआ.
स्थायी समाधान की उठी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि दशकों से यह क्षेत्र बाढ़ और नदी कटाव की दोहरी मार झेल रहा है. कई परिवार पहले ही बेघर हो चुके हैं और रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को विवश हैं. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से कनकई नदी के किनारे मजबूत पक्का तटबंध बनाने की मांग की है, ताकि मोदी टोला और नगरा टोल सीमालबारी को स्थायी रूप से सुरक्षित किया जा सके.
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