पूर्णिया. विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर्नशिप के लिए जीएमसीएच पहुंचे रोहतास निवासी अदनान के प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. अदनान ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की है और इंटर्नशिप के लिए अपने दस्तावेज जमा किए थे.
जांच के दौरान उसके द्वारा प्रस्तुत एनओसी प्रमाणपत्र के क्यूआर कोड का सत्यापन किया गया, जिसमें वह किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से निर्गत पाया गया. इसके बाद जीएमसीएच प्रशासन ने छात्र को पुलिस के हवाले कर दिया.
100 विदेशी मेडिकल स्नातकों की हो रही थी जांच
जीएमसीएच के प्राचार्य प्रो. डॉ. हरिशंकर मिश्र ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एमबीबीएस के बाद इंटर्नशिप के लिए 100 विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट (एफएमजी) छात्रों की सूची भेजी गई है. सभी छात्रों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि संबंधित छात्र की मार्कशीट, अन्य प्रमाणपत्रों और एनओसी के क्यूआर कोड की जांच में पता चला कि एनओसी किसी अन्य व्यक्ति के नाम से जारी की गई थी. मिलान करने पर पाया गया कि संबंधित दस्तावेज को अपने नाम से प्रस्तुत किया गया था. इसके आधार पर सभी दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए गए हैं.
पुलिस कर रही है पूछताछ
जीएमसीएच प्रशासन के अनुसार पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और छात्र से पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो सके.
छात्र ने खुद को बताया निर्दोष
वहीं हिरासत में लिए गए छात्र अदनान ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है. उसका कहना है कि यह जानबूझकर किया गया फर्जीवाड़ा नहीं है. उसने बताया कि सभी छात्रों को ग्रुप के माध्यम से प्रमाणपत्र मिले थे. यूनिवर्सिटी को ईमेल किया गया था, लेकिन समय पर सुधार नहीं हो सका. उसका दावा है कि यूनिवर्सिटी से मूल प्रमाणपत्र मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और एनओसी में हुई गड़बड़ी अनजाने में हुई है.
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