पूर्णिया. पूर्णिया विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में बुधवार को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया गया. कार्यक्रम का उदघाटन डाॅ आभा मिश्रा विभागाध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग एवं प्रो संतोष कुमार सिंह सीसीडीसी ने संयुक्त रूप से किया. इस मौके पर विभागीय सेमिनार में विभिन्न जगहों एवं विभागों से आये छात्र-छात्रा एवं शिक्षकों ने आत्महत्या के प्रमुख कारणों एवं इसके रोकथाम हेतु विभिन्न उपायों पर गंभीर चर्चा प्रस्तुत की. आत्महत्या के प्रमुख कारणों में तनाव, उच्च आकांक्षा, पेरेंटिंग स्टायल, पेरेंटल प्रेशर, नशा, कर्ज, असफलता, डिप्रेसन, बायपोलर, सामाजिक दवाब, तलाक, असाध्य रोग, प्रियजन की मृत्यु, संबंध बिच्छेद, भेदभाव आदि पर प्रमुखता से प्रकाश डाला गया. इसके रोकथाम हेतु वक्ताओं ने जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया. वक्ताओं ने कहा कि आत्महत्या को हलके में न लें. यह गंभीर विषय है. पेशेवर से बिना देरी के मिलें. विभिन्न माध्यमों से समाज में जागरूकता फैलाये. किशोरों को जीवन-कौशल सिखायें. आत्महत्या के साधनों को पहुंच से दूर करें . वक्ताओं ने कहा कि प्रारंभ में ही लक्षणों को पहचाने एवं उपचार के लिए आयें. सरकार की हेल्पलाइन 14416 पर बातें करें .सभी स्कूल कॉलेज में अभियान एवं गौष्ठी के आयोजन पर जोर दिया. सहानुभूतिपूर्वक उनकी बात सुनने की बात कही. यह भी कहा कि कलंक, धब्बा या उपहास के कारण चुप न रहें बल्कि चुप्पी तोड़ें . इस अवसर पर प्रमुख वक्ता के तौर पर मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष डाॅ आभा मिश्रा, हिंदी विभाग के अध्यक्ष डा. मनोज कु. सिंह, गृह विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डाॅ तुहिना विजय, प्रो. संतोष कुमार सिंह सीसीडीसी, प्रो कुमारी रंजीता, प्रो पल्लव कुमार, प्रो मनीषा कुमारी एवं छात्र-छात्रा आदि मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन डा. कुमारी रंजीता और धन्यवाद ज्ञापन डाॅ पल्लव कुमार ने किया.
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