पूर्णिया. विद्या भारती द्वारा संचालित स्थानीय थाना चौक स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सोमवार को उत्साह और उमंग के साथ नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर विद्यालय परिसर में एक विशेष समारोह का आयोजन कर भैया-बहनों के वार्षिक परीक्षाफल की घोषणा की गयी. नये सत्र की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई. कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना पूजन व हवन के साथ किया गया. विद्यालय के सचिव वीरेंद्र कुमार मेहता, प्रधानाचार्य मेनका रानी व आचार्यों ने सभी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें नए सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं. विद्यालय की प्रधानाचार्य मेनका कुमारी ने भैया-बहनों को अंकपत्र दिया. वहीं परीक्षा प्रमुख कन्हैया कुमार ने बताया कि सभी भैया-बहन अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुए हैं. कक्षा में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले भैया बहनों को पुरस्कृत भी किया गया. सोमवार का दिन विशेष रूप से उन मेधावी भैया-बहनों के लिए खुशी भरा रहा, जिन्होंने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. जबकि अपनी-अपनी कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले भैया-बहनों को विद्यालय की ओर से सम्मानित किया गया. अंकपत्र वितरण के साथ ही भैया-बहनों को अगली कक्षाओं में प्रोन्नत कर दिया गया है. नई किताबों और नई कक्षाओं के प्रति बच्चों में भारी उत्साह देखा गया. वहीं बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों ने अपने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड प्राप्त किये और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया. स्कूल प्रशासन द्वारा सभी शिक्षकों को उनके कठिन परिश्रम और सफल सत्र के लिए साधुवाद दिया गया. इस अवसर पर प्रधानाचार्य मेनका कुमारी ने शिक्षा के साथ संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि विद्या भारती का मुख्य उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं बल्कि भैया-बहनों का सर्वांगीण विकास करना है. नवीन सत्र में हम अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और आधुनिक शिक्षा के समन्वय के साथ आगे बढ़ेंगे. इस मौके पर विद्यालय के सभी आचार्य एवं दीदी, कर्मचारी व भगिनी उपस्थित रहे.
सरस्वती शिशु मंदिर में परीक्षाफल की घोषणा, नवीन शैक्षणिक सत्र की हुई शुरुआत
विद्या भारती द्वारा संचालित स्थानीय थाना चौक स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सोमवार को उत्साह और उमंग के साथ नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ किया गया.
