सीमा पार से तस्करी पर लगाम लगाने के लिए उठायेंगे ठोस कदम : आइजी

सीमावर्ती जिलों के एसपी को कार्ययोजना बनाने का दिया निर्देश

सीमावर्ती जिलों के एसपी को कार्ययोजना बनाने का दिया निर्देशपूर्णिया. सीमा पार से नशे समेत अन्य चीजों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए बिहार पुलिस ने कमर कस रही है. पूर्णिया प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) विवेकानंद ने राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े सीमांचल के सभी चार जिलों की पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के नाते सीमांचल के ये सभी जिले संवेदनशील हैं. सीमा पार से हो रही तस्करी पर लगाम लगाने के लिए सख्त और ठोस कदम उठाने की जरूरत है. इसके लिए इस इलाके में सक्रिय तस्करों के संगठित गिरोह के नेटवर्क को तोड़ना जरूरी है. इसलिये सभी सीमावर्ती जिलों के एसपी को निर्देश दिया गया है कि इस ओर कार्ययोजना बनाकर सख्त कदम उठायें. आइजी ने स्पष्ट कहा है कि तस्करों के इस नेटवर्क से अगर किसी पुलिस पदाधिकारी का नाम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आता है तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. पदभार संभालने के बाद आइजी विवेकानंद ने सीमांचल के सभी जिलों का दौरा किया और वहां की विधि व्यवस्था और आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी ली. उन्होंने बताया कि सभी जिलों की अलग-अलग समीक्षा की गयी है. इसमें जो कमियां पायी गयी है उसमें सुधार करने के निर्देश दिये गये हैं. अररिया जिले की समीक्षा के दौरान अररिया जिले की प्रगति संतोषजनक नहीं पायी गयी. यहां हर माह प्रतिवेदित होनेवाले केसों की संख्या के अनुपात में करीब छह गुणा अधिक लंबित केस पाये गये. यह राज्य पुलिस मुख्यालय के मानक के अनुरूप नहीं है. उन्होंने अररिया के सभी पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस इंस्पेक्टर को इसमें सुधार के लिए तीन माह का टास्क दिया है. उन्होंने बताया कि तीन माह के बाद इसकी फिर से समीक्षा की जायेगी.

थानाध्यक्ष अहंकार छोड़ जनता के प्रति बनें वफादार

आइजी ने कहा कि सरकार की नयी पहल ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ कार्यक्रम को लेकर भी सभी पुलिस पदाधिकारों को सख्त निर्देश दिये गये हैं कि आमलोगों की समस्याओं को न केवल सुनें बल्कि प्राथमिकता के आधार पर उसके समाधान के बारे में सोचें. उन्होंने खासतौर से थानाध्यक्षो को निर्देश दिया है कि वे अपना अहंकार छोड़कर जनता के प्रति वफादार बनें. उन्होंने कहा कि सरकार ने जो मानक तय किये हैं उनके अनुरूप सप्ताह में दो दिन हर हाल में आमलोगों की समस्या सुनें और उस पर त्वरित कार्रवाई करें. इससे न केवल समस्याओं के समाधान की गति तेज होगी बल्कि पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास भी और अधिक मजबूत होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By ARUN KUMAR

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