मौसम के बदलाव के साथ वायरल इन्फेक्शन के मामले बढ़े

मौसम के बदलाव के साथ

By Prabhat Khabar News Desk | February 27, 2025 7:27 PM

पूर्णिया. इन दिनों मौसम में आये बदलाव की वजह से सभी उम्रवर्ग के लोगों में वायरल इन्फेक्शन के मामले बहुतायत में मिल रहे हैं. आम तौर पर होने वाली सर्दी, खांसी और बुखार के अलावा सिर दर्द, गले में दर्द की शिकायत बढ़ गयी है. सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी क्लीनिकों में भी मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. चिकित्सकों का कहना है कि दिन और रात के तापमान का अंतर इसके लिए जिम्मेवार है. लोगों को एहतियात बरतने की जरुरत है इस तरह के दोरस मौसम में ठंड से बचाव जरुरी है. वहीं कई बच्चों में मौसम के अनुरूप जल्द ढल जाने की शारीरिक क्षमता नहीं होने की वजह से उनके लिए यह मौसम परेशानियों भरा है. ऐसे में उन्हें ठंड से बचाने की जरुरत है. दूसरी ओर वायरल मामलों में संक्रमित लोगों से दूरी बनाए रखना बेहद जरुरी है खासकर छोटे बच्चों और वैसे लोगों को जिनके अन्दर रोगरोधी क्षमता की कमी है.

धूलकण से एलर्जी एवं आंखों से पानी आने की भी शिकायत

इन दिनों तापमान में उतार चढ़ाव के अलावा वातावरण में नमी की कमी होने से हल्की हवा में अथवा सड़कों पर धूलकण के उड़ते रहने से स्वांस एवं एलर्जी वाले मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है. एलर्जी की वजह से लगातार छींके आना और नाक आंख से पानी गिरना साथ ही कफ की वजह से लगातार खांसी आना जैसे मामलों में इजाफा हुआ है. चिकित्सकों का कहना है कि इन दिनों पछुवा हवा की वजह से शुष्क हवाएं और धूलकणों का उड़ते रहना आम है. इससे बचने के लिए रुमाल अथवा

मास्क का प्रयोग किया जा सकता है.

बचाव के उपाय

* ठण्ड और गर्म के बीच पहने कपड़ों में तालमेल रखें * रात्रि में बगैर गर्म कपड़ों के बाहर न निकलें * वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें.* कमजोर स्वास्थ्य वाले बच्चों का विशेष ध्यान रखें * धूलकण से बचने के लिए चेहरे पर मास्क और आंखों पर चश्मा लगाएं* समय पर चिकित्सीय सलाह अवश्य लें

बोले चिकित्सक

इन दिनों सर्दी, खांसी, बुखार जैसे मामले आम हैं. अभी ठण्ड पूरी तरह से गया नहीं है इस वजह से छोटे बच्चों तथा बुजुर्गों में विशेष सावधानी की जरुरत है. मौसमी बीमारी के अलावा ह्रदय एवं डायबटीज के मरीजों को भी सावधान रहना है. नियत समय पर चिकित्सक द्वारा लिखी गयी दवा का सेवन और पौष्टिक व ताजे भोजन से स्वास्थ्य को ठीक रखा जा सकता है.डॉ. तपन विकास सिंह, चिकित्सक

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