Bihar News: डेढ़ साल के बच्चे पर दो पिता ने ठोका दावा, पत्नी ने खोला राज तो सब रह गए हैरान

Bihar News: बिहार के पूर्णिया जिले से एक हैरान करने वाला मामला आया है. यहां के परिवार परामर्श केंद्र में एक बच्चे पर दो पिता ने अपना दावा ठोक दिया. आइये जानते हैं बच्चे को कैसे उसका असली पिता मिला.

Bihar News: बिहार में पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में एक अनोखा मामला सामने आया, जहां डेढ़ साल के बच्चे के दो पिता दावेदार बने. यह मामला सरसी थाना के बेला चंपावती गांव का है. जब यह केस परामर्श केंद्र के पास पहुंचा तो इसके सदस्य भी हैरान हो गये. काफी जद्दोजहद के बाद इसका हल निकाला गया. परिवार परामर्श केंद्र के सदस्य दिलीप कुमार दीपक ने बताया कि चंपावती की एक महिला की शादी उत्तर प्रदेश के एक हिंदू लड़का शरणदीप से हुई थी. उससे एक बच्चा हुआ. बच्चे की उम्र जब डेढ़ साल हुई तब पत्नी अपने पति को छोड़कर पिछले साल 31 दिसंबर को अपने प्रेमी के पास चली गयी.

पति ने लगाई गुहार

पत्नी के पहले पति ने पूर्णिया के एसपी कार्तिकेय शर्मा से इंसाफ की गुहार लगायी. एसपी ने इस मामले को पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में भेज दिया, जहां से सभी पक्षों को नोटिस भेजा गया. नोटिस पर सभी पक्ष उपस्थित हुए तो असली कहानी सामने आयी. महिला का कहना था कि उनके पति शरणदीप उसके साथ अक्सर मारपीट करता था. इससे तंग आकर वह अपने बच्चे को लेकर अपने प्रेमी के पास चली गयी और उससे शादी कर ली. अब वह बच्चे को लेकर उसी के साथ रहेगी.

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प्रेमी बोला- बच्चा मेरा है

प्रेमी का कहना था कि उस महिला के साथ उसका पिछले छह साल से संबंध है. वह बच्चा भी उसी का है. लेकिन जब एसपी ने कडाई से पूछताछ की तो पता चला कि लड़की ने न तो पहले पति को तलाक दी है और न ही दूसरे लड़के से उसकी शादी हुई है. प्रेमी ने प्रेमिका के साथ रहने के लिए शादी की मनगढंत कहानी रची थी. पूछताछ के दौरान जब प्रेमी से पूछा गया कि जब दो माह पहले शादी हुई तो डेढ़ साल का बच्चा कैसे हो गया. इसका सवाल का उसके पास कोई माकूल जवाब नहीं था. जबकि पहले पति ने शरणदीप ने गुजरात के एक अस्पताल का कागज दिखाया,जहां बच्चे का जन्म हुआ था.

बच्चे को मिला असली पिता

शरणदीप अपनी पत्नी के साथ वहां मजदूरी करता था. तब एसपी ने कहा कि महिला को अगर प्रेमी के साथ रहना है तो रहे, लेकिन बच्चा अपने पिता शरणदीप के साथ ही रहेगा. तब उसका प्रेमी भी महिला को यह कहते हुए छोड़कर चला गया कि जब बच्चा बाप के पास रहेगा तो उसकी मां भी उसी के साथ रहेगी. इसके बाद महिला भी अपने पति शरणदीप के साथ जाने के लिए राजी हो गयी.इस तरह परिवार परामर्श केंद्र की पहल पर बच्चा को उसका असली पिता मिल गया.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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