Bihar Crime: पूर्णिया में सब्जी दुकान से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद, जेल से छूटने के बाद खोली थी दुकान

Bihar Crime: पूर्णिया शहर के वार्ड 18 स्थित सुधांशु नगर की एक सब्जी दुकान से मिले एके 47 के ब्रिज ब्लॉक को लेकर पुलिस के कान खड़े हो गये हैं. यह बात सामने आयी है कि इस ब्रिज ब्लॉक में कुछ खराबी आ गयी थी. इसे मरम्मत कराने के लिए यहां रखा गया था. प्रेस कांफ्रेंस में एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि एके 47 का जो ब्रिज ब्लॉक बरामद हुआ है, दरअसल उसकी मरम्मत कराने के लिए यहां लाया गया था.

Bihar Crime: पूर्णिया शहर के वार्ड 18 स्थित सुधांशु नगर की एक सब्जी दुकान से पुलिस ने एक पिस्टल, एके-47 का ब्रिज ब्लॉक और 440 जिन्दा कारतूस बरामद किया है. दो महीने पहले जेल से छूटने के बाद दो हथियार तस्कर ने मिलकर यह सब्जी दुकान खोली थी. इनमें से एक कुणाल कुमार 36 वर्ष साकिन सुधांशु नगर, वार्ड नं 18, थाना केहाट, पूर्णिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जबकि उसके दूसरे साथी की तलाश पुलिस कर रही है. पुलिस ने दूसरे अपराधी का नाम अभी गुप्त रखा है.

 प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देती एसपी

एसपी स्वीटी सहरावत ने दी जानकारी

इस मामले को लेकर सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी कुणाल कुमार दो महीने पहले बेल पर जेल से बाहर आया है. बेल पर छूटने के बाद उसने सुधांशु नगर में एक सब्जी की दुकान खोली. इस सब्जी दुकान में उसका एक सहयोगी भी था जिससे उसकी मुलाकात बेउर जेल में एक साल पहले हुई थी. दोनों मिलकर यह सब्जी दुकान चला रहे थे. 13 जुलाई को केहाट थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि सुधांशु नगर स्थित कुणाल कुमार जो पूर्व में एक हथियार तस्कर रहा है, वह अपनी सब्जी दुकान के आड़ में अवैध हथियार का खरीद-बिक्री करता है.

 बरामद हथियार

कुणाल की सब्जी दुकान से क्या-क्या मिला

सूचना के सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु पुलिस अधीक्षक ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-01 के नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन किया . छापामारी दल जब सुधांशु नगर स्थित सब्जी दुकान के पास पहुंची तो उक्त सब्जी का दुकान बंद पाया गया.

इसके बाद छापामारी दल ने कुणाल कुमार को सुधांशु नगर स्थित उसके घर से उठाया. इसके बाद आरोपित कुणाल कुमार के घर एवं सब्जी दुकान की तलाशी ली गई. इस क्रम में कुणाल की सब्जी दुकान से एक पिस्टल, एके-47 का ब्रिज ब्लॉक एवं 440 जिन्दा कारतूस बरामद हुआ जिसे जप्त करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया.

बिहार चुनाव की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

हथियार तस्करी के पीछे अंतरराज्यीय गिरोह, बढ़ेगा जांच का दायरा : एसपी

एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि हथियार की खरीद-बिक्री का यह मामला दूसरे स्टेट से जुड़े होने की पूरी स्थिति लग रही है. उन्होंने बताया कि प्रारंभिक छानबीन में यह बात सामने आयी है कि सिक्यूरिटी गार्डों के काम में लगे लोगों से हथियार व कारतूस की खरीद-बिक्री का तार जुड़ा है. इसका दायरा दूसरे स्टेट तक भी जाता लग रहा है. ऐसे में गिरफ्तार कुणाल कुमार को रिमांड पर लेकर फिर गहन पूछताछ की जायेगी.

उन्होंने बताया कि पटना और मुंगेर जिला का भी यह आपराधिक मामलों में शामिल रहा है. इसका सहयोगी अभी फरार है जिसे पकड़ने के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. गौरतलब है कि हथियार तस्कर कुणाल कुमार की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी दल में पुनि उदय कुमार, थानाध्यक्ष केहाट थाना,सअनि मनोहर कुमार, केहाट थाना, सअनि मनोज कुमार सिंह, केहाट थाना, बीसैप दिनेश कुमार मंडल, केहाट थाना, बीसैप संजीव कुमार, केहाट थाना, एसटीएफ टीम पूर्णिया शामिल रहे.

इसे भी पढ़ें: Chirag Paswan: ‘जब सब मौन रहे, तब अभिमन्यु…’, चिराग के जीजा ने किस पर साधा निशाना

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >