पूर्णिया शहर के पॉलिटेक्निक चौक स्थित रामनगर का 'श्री श्री 108 बाबा मनसिद्धि नाथ महादेव मंदिर' जिला मुख्यालय समेत आसपास के क्षेत्रों के लिए असीम आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के ठीक किनारे स्थित होने के कारण न केवल स्थानीय मुहल्लों के लोग बल्कि इस मार्ग से गुजरने वाले दूर-दराज के यात्री और श्रद्धालु भी भगवान भोलेनाथ के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.
दर्शन मात्र से खुलते हैं भाग्य के दरवाजे
स्थानीय लोगों और बुजुर्गों के अनुसार, रामनगर स्थित बाबा मनसिद्धि नाथ महादेव मंदिर की महिमा अपरंपार है. मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से बाबा के दरबार में आता है और जलाभिषेक करता है, उसके जीवन से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और बंद भाग्य के दरवाजे खुल जाते हैं. यही वजह है कि केवल सावन की सोमवारी या महाशिवरात्रि ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी सुबह से लेकर देर शाम तक बाबा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है.
मन्नतों की पूर्ति के लिए होता है रुद्राभिषेक और शिव स्तुति
मंदिर परिसर में नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलता रहता है. अपनी मन्नतों की पूर्ति और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर श्रद्धालु यहां विशेष रूप से 'शिव स्तुति' का पाठ और रुद्राभिषेक अनुष्ठान करवाते हैं. विशेष रूप से सावन के पवित्र महीने में बाबा मनसिद्धि नाथ का विशेष श्रृंगार किया जाता है और पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' तथा 'ओम नमः शिवाय' के जयकारों से गूंज उठता है.
