उपलब्धि: डीएस कॉलेज का पहली बार व विवि में सबसे पहले बना संस्थागत ईमेल आईडी

उपलब्धि: डीएस कॉलेज का पहली बार व विवि में सबसे पहले बना संस्थागत ईमेल आईडी

– दस हजार की राशि से बनाने में लगे ढाई साल, नैक मूल्यांकन में मिलेगा लाभ – विभाग व शिक्षक से ले कर्मियों का अलग-अलग बनाया गया संस्थागत ई मेल आईडी – कई शिक्षकों की रही अहम भूमिका, कार्य होंगे आसान कटिहार पूर्णिया विवि पूर्णिया का अंगीभूत इकाई डीएस कॉलेज का पहली बार और विवि में सबसे पहले संस्थागत ईमेल आईडी डीएसीडॉटएसीइन नाम से बनाने में कॉलेज के शिक्षकों को सफलता हाथ लगी है. संस्थागत ईमेल आईडी बनाने में वाणिज्य विभाग के शिक्षक व कर्मचारियों को करीब ढाई साल लग गये. साथ ही इसे बनाने में दस हजार से अधिक की राशि खर्च आयी है. इसके बन जाने के बाद ऑनलाइन कम्युनिकेशन में आसानी होगी. साथ ही नैक मूल्यांकन में भी इसका लाभ मिलेगा. हालांकि इसे बनाने वाले वाणिज्य विभाग के डॉ भरत कुमार मेहर का पीयू पीजी विभाग में प्रतिनियुक्ति हो गयी है. उनका कहना है कि संस्थागत ईमेल आईडी बन जाने के बाद शोध में बढ़ावा मिलेगा. कॉलेज का छवि दूसरे संस्थान के वनिस्पत बेहतर, बड़े इंस्टीच्यूट के साथ सहभागिता मिल पायेगा. उनका कहना है कि डीएस कॉलेज का संस्थागत ईमेल आईडी सभी विभाग के शिक्षक, कर्मचारियों के नाम से भी बनाया गया है. 2021 में संस्थागत ई मेल आईडी बनाने का कार्य शुरू किया गया था. जिसमें डोमेल क्रय करने में करीब दस हजार रूपये खर्च आये हैं. बीस मार्च को सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षक व कर्मचारियों को संस्थागत ईमेल आईडी को उपलब्ध कराया गया. संस्थागत ईमेल आईडी बनाने में वाणिज्य विभाग के डॉ भरत कुमार मेहर, डॉ सुमित सिंहा, अतिथि शिक्षक में संतोष कुमार, अभिषेक कुमार गुप्ता की कड़ी मेहनत रही है. साथ ही पूर्व के प्राचार्यों में प्रो डॉ संजीव कुमार, सीबीएल दास के योगदान को भी गिनाया. विभाग से लेकर कर्मचारी करेंगे संस्थागत ईमेल आईडी का उपयोग डीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय कुमार सिंह ने संस्थागत ईमेल आईडी बनाने पर खुशी जाहिर किया है. उन्हाेंने इसके बनाने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों के कायों की सराहना की. साथ ही कहा कि संस्थागत ईमेल आईडी बन जाने से सभी शिक्षक व कर्मचारियों का अपना संस्थागत ईमेल आइडी मिल जाने से कम्युनिकेशन आसान होगा. बताया कि इंग्लिश् डीएसीडॉटएसीडाट इन इसी तरह से सभी विभाग के पास संस्थागत ईमेल आईडी मिल गया. ऑनलाइन क्रय से लेकर शोध व नैक मूल्यांकन में लाभ मिल पायेगा.

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Author: RAJKISHOR K

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