पूर्णिया : मतदाता सूची में सुधार के लिए अब लोगों को बीएलओ के दरवाजे पर दस्तक देने की कोई जरूरत नहीं होगी. मतदाता सूची पुनरीक्षण में ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है. निर्वाचन आयोग ने दो एप जारी किया है. इसके वेबसाइट पर जाकर नाम सुधार, बूथ टैगिंग, फोटो सेटिंग समेत हर तरह की सूचनाएं अपलोड की जा सकेगी. वेबसाइट पर जैसे ही कोई नयी सूचना अपलोड होगी वैसे ही इसकी जानकारी संबंधित बीएलओ को हो जायेगी और बीएलओ उस वोटर के घर सत्यापन के लिए चले आयेंगे.
मतदाता पुनरीक्षण के लिए ऑनलाइन सेवा शुरू, एप जारी
पूर्णिया : मतदाता सूची में सुधार के लिए अब लोगों को बीएलओ के दरवाजे पर दस्तक देने की कोई जरूरत नहीं होगी. मतदाता सूची पुनरीक्षण में ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है. निर्वाचन आयोग ने दो एप जारी किया है. इसके वेबसाइट पर जाकर नाम सुधार, बूथ टैगिंग, फोटो सेटिंग […]

माना जा रहा है कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य को सहज बनाने के लिए ऐसा किया गया है. इसके लिए दो एप एमवीएसपी डॉट इन पोर्टल और वोटर हेल्पलाइन जारी किया गया है. यह कार्यक्रम पहली सितंबर से शुरू है.
पुनरीक्षण के लिए सत्यापन का यह कार्य 30 सितंबर तक चलेगा. इस बीच सभी बीएलओ वोटरों का सत्यापन करने में लग गये हैं. मृत वोटर और स्थानांतरित वोटर का सत्यापन चल रहा है. पहली जनवरी 2020 को 18 वर्ष पूरा करने वाले नये वोटरों की सूची अलग से चिह्नित करने और मतदाता सूची में जोड़ने के लिए खास निर्देश दिये गये हैं.
ज्ञात हो कि भारत निर्वाचन आयोग ने 01 जनवरी 2020 की अर्हता तिथि के आधार पर फोटो निर्वाचक सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम आगामी 15 अक्तूबर से शुरू करने का निर्देश दिया है. पुनरीक्षण कार्य शुरू होने से पूर्व 01 से 30 सितंबर 2019 तक मतदाता सत्यापन कार्यक्रम चलेगा.
कैसे होगा ऑनलाइन पुनरीक्षण: वोटर सबसे पहले एमवीएसपी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का वेरिफिकेशन करेंगे. इस दौरान वांछित सूचनाएं वेबसाइट में डाला जायेगा.
यदि एमवीएसपी पोर्टल पर कतिपय परेशानी होगी तो वोटर हेल्पलाइन पर भी सारी सूचनाएं उपलब्ध करायी जा सकती है. पुनरीक्षण के लिए फार्म 6 वेबसाइट पर ही मिल जायेगा. जिन वोटरों को ऑनलाइन प्रक्रिया झमेला जैसा लगता है वे आस पास के सीएससी अथवा वोटर सेंटर जाकर ऑफलाइन आवेदन करेंगे.
ऑनलाइन पुनरीक्षण के लिए जरूरी दस्तावेज : मतदाता पुनरीक्षण या वेरिफिकेशन के लिए कई जरूरी डाक्यूमेंट ली जायेगी जिसमें पेन कार्ड, स्मार्ट कार्ड, टेलीफोन बिल, बिजली बिल एवं गैस कनेक्शन बिल, राशन कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत करना होगा. सरकारी अथवा अर्द्ध सरकारी सेवकों के लिए आइडी कार्ड और बैंक पासबुक अनिवार्य है. किसानों के लिए किसान पहचान पत्र भी लिये जायेंगे. एड्रेस प्रूफ के लिए इनमें से कोई एक ही डाक्यूमेंट लगेगा.
क्या है बूथ टैगिंग
ऐसे वोटर जिनके परिवार के लोग अलग-अलग बूथों पर नामांकित हैं और उन्हें अलग-अलग मतदान करने के लिए जाना पड़ता है तो अब यह समस्या नहीं रहेगी. बूथ टैगिंग ऐसा प्रोसेस है जिसके तहत एक परिवार के लोग एक बूथ पर स्वत: चले आयेंगे. लेकिन इसके लिए बीएलओ पूरी पारदर्शिता से सत्यापन भी करेंगे.
कहते हैं अधिकारी
मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए सत्यापन का कार्य 30 सितंबर तक चलेगा. इस बीच सभी बीएलओ सत्यापन करेंगे. चुनाव आयोग ने ऑनलाइन सुविधा भी जारी कर दिया है जिससे लोगों की सुविधा बढ़ गयी है.
अनिरूद्ध प्रसाद यादव,उपनिर्वाचन पदाधिकारी,पूर्णिया.