पूर्णिया : बीते एक वर्ष में जिले में 08 ऐसी हत्या की घटना हुई जिसका उद्भेदन करने में पुलिस को अब तक सफलता नहीं मिली है. गत वर्ष 05 मार्च से लेकर इस वर्ष 02 अप्रैल तक हुए हत्याकांड में साक्ष्य संकलन के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान भी किया गया, लेकिन पुलिस को एक भी ऐसा सुराग हाथ नहीं लगा, जिसके सहारे संलिप्त अपराधियों तक पहुंचा जा सकता.
आठ हत्याकांडों का नहीं हो सका खुलासा
पूर्णिया : बीते एक वर्ष में जिले में 08 ऐसी हत्या की घटना हुई जिसका उद्भेदन करने में पुलिस को अब तक सफलता नहीं मिली है. गत वर्ष 05 मार्च से लेकर इस वर्ष 02 अप्रैल तक हुए हत्याकांड में साक्ष्य संकलन के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान भी किया गया, लेकिन पुलिस को एक भी ऐसा […]

जब संगीन किस्म के अपराध घटित होते हैं तो ऐसी घटनाएं कुछ दिनों सुर्खियों में रहती है. पुलिस भी बड़ी जिम्मेवारीपूर्वक अनुसंधान में जुट जाती है.
मानो शीघ्र ही दोषी पकड़े जायेंगे. वहीं जैसे-जैसे माहौल ठंडा होता जाता है, वैसे-वैसे पुलिस की तफ्तीश भी ढीली पड़ने लगती है. ठेकेदार गुफरान मुस्तकीम हत्याकांड एवं दुर्गापुर गांव में किशोरी की दुष्कर्म के बाद की गयी हत्या का सुराग ढूंढ़ने में पुलिस के पसीने छूटे, लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा. सदर थाना क्षेत्र के हनुमानबाग में एक दुकानदार की हत्या मामले में महज प्राथमिकी ही दर्ज की गयी, जबकि अनुसंधान में हुए प्रगति की बात करने से पुलिस कतराने लाती है.
2 अप्रैल 2019 की देर रात सदर थाना क्षेत्र के चौहान टोला में चोरी करने में असफल होकर भाग रहे एक चोर को लोगों ने उसकी पीट पीट कर हत्या कर दी. इतना ही नहीं चोर के दोनों आंख भी फोड़ डाले गये. पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम कराया. अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मामला भी दर्ज किया गया. लेकिन अब तक अज्ञात शव की पहचान नहीं हो सकी. पुलिस ने यह भी पता लगाना लाजिमी नहीं समझा कि आरोपी चोर था अथवा घटना के पीछे कोई और कारण थे.