पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट
Property Dispute: बिहार के सीमांचल क्षेत्र अंतर्गत अररिया जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली और रूह कँपाने वाली वारदात सामने आई है. यहाँ भीठा गांव में वर्षों से चले आ रहे एक जमीन विवाद को लेकर दबंगों ने अमानवीयता की सारी सीमाएं लांघ दीं. आरोपियों ने न केवल पीड़ित परिवार के आशियाने में आग लगा दी, बल्कि बर्बरता दिखाते हुए परिवार के मुखिया 60 वर्षीय बद्री ऋषिदेव का बेरहमी से गला रेत दिया. लहूलुहान अवस्था में जिंदगी और मौत से जूझ रहे बुजुर्ग ने शनिवार की सुबह पूर्णिया जीएमसीएच (GMCH) में दम तोड़ दिया. इस खौफनाक हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव व्याप्त है और पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है.
आधी रात को घर घेरा, पहले लगाई आग फिर किया जानलेवा हमला
स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, भीठा गांव निवासी बद्री ऋषिदेव के परिवार का कुछ स्थानीय रसूखदार लोगों के साथ काफी समय से भूमि विवाद चल रहा था:
- अचानक हुआ हमला: बीती रात आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया. हमलावरों ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से सबसे पहले घर में आग लगा दी.
- गला रेतकर भागे आरोपी: जब घर के लोग जान बचाने के लिए बाहर भागे, तो हमलावरों ने 60 वर्षीय बद्री ऋषिदेव को चारों तरफ से दबोच लिया और धारदार हथियार से उनके गले पर वार कर दिया.
तीन अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद भी नहीं बच सकी जान
अस्पताल में तोड़ा दम: घटना के बाद लहूलुहान और तड़पते हुए बद्री ऋषिदेव को परिजनों ने तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें अररिया सदर अस्पताल भेजा गया. अररिया सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने भी स्थिति को बेहद गंभीर पाते हुए देर रात उन्हें बेहतर लाइफ सपोर्ट के लिए पूर्णिया जीएमसीएच रेफर कर दिया. अस्पताल के आईसीयू (ICU) में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद आखिरकार शनिवार की सुबह उन्होंने आखिरी सांस ली.
पीड़ित परिवार के चौथे सदस्य की हत्या, भतीजी का रो-रोकर बुरा हाल
इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूर्णिया जीएमसीएच अस्पताल परिसर में मृतक के परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन हो गया. मृतक की भतीजी बुदनी देवी ने रोते-बिलखते हुए जो खुलासा किया, उसने कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
बुदनी देवी का दर्दनाक बयान:
“इस जमीनी विवाद में यह हमारे परिवार के साथ पहली वारदात नहीं है. दबंगों द्वारा हमारे खून के प्यासे बनकर अब तक परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से हत्या की जा चुकी है. इससे पहले मेरे पिता, मेरे सगे भाई और मेरे मासूम बेटे को भी इसी जमीन के टुकड़े के लिए मार डाला गया था और अब मेरे बड़े पिता (बद्री ऋषिदेव) को भी हमसे हमेशा के लिए छीनकर मौत के घाट उतार दिया गया.”
इलाके में पुलिस बल तैनात, जांच में जुटी रानीगंज थाना पुलिस
एक ही परिवार के चौथे सदस्य की हत्या के बाद भीठा गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी आक्रोश और सांप्रदायिक/सामाजिक तनाव की स्थिति बनी हुई है. घटना की सूचना मिलते ही रानीगंज थाना की पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती कर दी है. पूर्णिया पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, वहीं रानीगंज पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
