Patna News : पटना एसएसबी में हेड कांस्टेबल की भर्ती परीक्षा में पैसे लेकर अभ्यर्थियों को पास कराने के मामले में सीबीआई द्वितीय के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम की अदालत ने गुरुवार को दो अवकाश प्राप्त सैन्यकर्मियों को दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर दोनों को एक-एक माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा.
तीन लाख रुपये में पास कराने का लिया था जिम्मा
मामले के वरीय लोक अभियोजक शशि विश्वकर्मा ने बताया कि बिहार रेजिमेंट सेंटर, दानापुर के अवकाश प्राप्त सैन्यकर्मी बद्रीनाथ सिंह और अर्जित तिवारी ने एसएसबी के तहत हेड कांस्टेबल की होने वाली भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों से तीन-तीन लाख रुपये लेकर उन्हें पास कराने का जिम्मा लिया था. परीक्षा पटना, मुजफ्फरपुर, किशनगंज और रांची में आयोजित होनी थी.
पेपर आउट और स्कॉलर बैठाने की थी योजना
अभियुक्तों पर आरोप था कि अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए पेपर आउट कराने और उनकी जगह स्कॉलर बैठाने समेत अन्य तरीकों का इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई थी. 12 जून 2013 को होने वाली परीक्षा के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से एक-एक लाख रुपये एडवांस लिए गए थे.
2 जून 2013 को सीबीआई ने किया था गिरफ्तार
मामले में सीबीआई ने दोनों अभियुक्तों को 2 जून 2013 को गिरफ्तार किया था. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 15 गवाहों ने अदालत में गवाही दी. गवाहों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी मानते हुए दो-दो वर्ष की सजा सुनाई.
