Patna News : पटना जिले के फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र में अवैध हथियार और कारतूस के साथ पकड़े गये दो अभियुक्तों निश्चय उर्फ विक्रांत उर्फ राजू और मंदीप कुमार उर्फ बजरंगी साव उर्फ मुन्ना साव उर्फ मोनू को अदालत ने दोषी करार देते हुए दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनायी है. दोनों अभियुक्त दानापुर के रहने वाले हैं. मामला फुलवारीशरीफ थाना कांड संख्या 1661/2022 से जुड़ा है.
लोडेड देशी कट्टा और कारतूस हुआ था बरामद
वर्ष 2022 में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभियुक्त निश्चय के पास से एक लोडेड देशी कट्टा बरामद किया था. वहीं, मंदीप कुमार के पास से दो जिंदा कारतूस बरामद हुए थे. इसके बाद दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.
गवाह और साक्ष्य के आधार पर दोषी करार
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किये गये. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों अभियुक्तों को आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में दोषी पाया.
पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी
कोर्ट ने धारा 25(1-बी)ए के तहत दोनों अभियुक्तों को दो वर्ष के कठोर कारावास के साथ पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी. वहीं, धारा 26 के तहत एक वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गयी है. जुर्माना नहीं देने पर अभियुक्तों को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
अभियोजन अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस पूरे मामले में मुख्य अभियोजन अधिकारी विद्या सागर प्रसाद और उप निदेशक ओम प्रकाश नारायण की महत्वपूर्ण भूमिका रही. अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनायी.
