Thukra Ke Mera Pyaar Season 2: पहले सीजन में हम कॉलेज के नासमझ बच्चे थे, लेकिन अब जिंदगी हमें जो दिखाती गई, हम अपने नजरिए से फैसले लेना सीख रहे हैं. जिंदगी पूरी तरह ब्लैक या व्हाइट नहीं होती, इसमें बहुत सी चीजें ग्रे होती हैं. यह बात अभिनेत्री संचिता बसु (Sanchita Basu) व अभिनेता धवल ठाकुर (Dhaval Thakur) ने कही. सोमवार को शहर के होटल ताज में उनकी वेबसीरीज‘ठुकरा के मेरा प्यार सीजन-2’ का ट्रेलर लॉन्च किया गया. श्रद्धा पासी जयराथ के निर्देशन में बनी इस सीरीज की कहानी वहीं से आगे बढ़ेगी जहां पहला सीजन रुका था.
इस बार दर्शकों को केवल यूथ ड्रामा नहीं, बल्कि कई बड़े चैलेंज, इमोशन्स, बदला व घर-घर की कहानियां देखने को मिलेंगी. कलाकारों का कहना है कि हर बदले की भावना के पीछे एक गहरा दर्द छुपा होता है और इस सीजन में वही दर्द उभर कर सामने आएगा.
हालात से लड़कर शानविका और कुलदीप ने सीखे खुद के फैसले
अभिनेत्री संचिता बसु (Sanchita Basu) ने कहानी की मैच्योरिटी पर बात करते हुए कहा कि सीजन-2 में मुख्य किरदार शानविका व कुलदीप परिस्थितियों के साथ बड़े हुए हैं. उन्हें किसी ने सही-गलत का रास्ता सिखाया नहीं, बल्कि लाइफ के अनुभवों से वे खुद सीखते चले गए. संचिता ने कहा कि इस वेबसीरीज को सभी को अपनी फैमिली के साथ बैठकर देखना चाहिए. यह सिर्फ युवाओं के लिए नहीं है, बल्कि इससे परिवारों को भी यह सीखने को मिलेगा कि मुश्किल वक्त में अपने बच्चों को कैसे सपोर्ट करना चाहिए. जब पूरी फैमिली एक साथ खड़ी होती है, तो हर लड़ाई को जीतने का हौसला मिलता है.
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अब कॉलेज का वो लड़का DM है, जिसे बिना कानून तोड़े फर्ज निभाना है
अभिनेता धवल ठाकुर (Dhaval Thakur) ने अपने किरदार में आए बदलावों को साझा करते हुए कहा कि सीजन-2 में कई मिक्स्ड इमोशन्स देखने को मिलेंगे. धवल इस बार एक डीएम की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जिसके कंधे पर पूरे शहर को मैनेज करने की जिम्मेदारी है. उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि उनके मन में भावनात्मक उथल-पुथल चल रही है, लेकिन उन्हें अपना फर्ज भी निभाना है और किसी भी हाल में कानून भी नहीं तोड़नाहै. धवल ने बताया कि उनके किरदार को अब खुद का सामना करना है और इन सभी उलझनों के जवाब दर्शकों को आगामी 19 जून को मिलेंगे.
महिला डायरेक्टर व डीओपी के नजरिए ने कहानी में कई बेहतरीन परतें जोड़ीं
इस सीजन की एक बेहद खास बात यह है कि इसकी डायरेक्टर श्रद्धा पासी व डीओपी रेशमी दोनों ही महिलाएं हैं. कलाकारों ने बताया कि एक फीमेल डायरेक्टर का प्यार और रिश्तों को देखने का नजरिया बहुत अलग और गहरा होता है. धवल कहते हैं कि इस विजन के कारण कहानी में कई ऐसी लेयर्स आ गई हैं, जिनके बारे में आमतौर पर कोई सोच नहीं पाता. संचिता ने बताया कि श्रद्धा मैम की एनर्जी सेट पर अद्भुत होती थी. जब भी कलाकार थके होते थे, वह उनमें नया जोश भर देती थीं. इसी महिला दृष्टिकोण के कारण स्क्रीन पर शानविका की आंतरिक जर्नी बहुत प्रभावी बन पाई है.
बिहार को बताया दूसरा घर, पुरानी यादें व संघर्ष भी किए साझा
मूल रूप से बिहार की रहने वाली संचिता बसु ने बिहारवासियों से मिलने वाले प्यार के प्रति आभार जताया और खुद को भाग्यशाली बताया. वहीं धवल ठाकुर ने भी यूपी-बिहार को अपना दूसरा घर बताते हुए यहां जल्द शूटिंग करने की इच्छा जताई. दोनों कलाकारों ने पहले सीजन की शूटिंग के दौरान बुलेट और साइकिल वाले एक सीन के मजेदार संघर्ष को भी याद किया, जहां संचिता की बुलेट स्टार्ट नहीं हो रही थी और वह रोने लगी थीं. संचिता ने अपनी जर्नी पर कहा कि शुरुआत में वह महज 14-15 साल की थीं और खुद में कमियां ढूंढती थीं, लेकिन टीजर के बाद मिले नेगेटिव कमेंट्स से उन्होंने कोप-अप करना और खुद को मजबूत बनाना सीख लिया है.
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