नौ मार्च को आयोजित ‘बदलो बिहार महाजुटान’ को बनाएं साझा जनांदोलनों का मंच
संवाददाता,पटना माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने रविवार को पटना आइएमए मैदान में आयोजित ‘बदलो बिहार समागम’ को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा दमन यात्रा है. कहा कि एक ओर बिहार को बदल देने का संघर्ष है. दूसरी ओर किसी तरह सत्ता बचाने का दमन अभियान है. भट्टाचार्य ने कहा कि सुरक्षा और सम्मान के साथ जीने का एजेंडा सबका है. लिहाजा सब लोग बिहार में बदलाव चाहते हैं. पहली जरूरत इस सरकार को सत्ता से बेदखल करना होगा. अपने वाजिब सवालों को लेकर लंबी लड़ाई लड़नी है. उन्होंने आह्वान किया आज संकल्प लेना है कि नौ मार्च को पटना के गांधी मैदान में प्रस्तावित ‘बदलो बिहार महाजुटान’ को सभी आंदोलनों का साझा मंच बना देना है.समागम को विभिन्न आंदोलनकारी ताकतों व नागरिक समाज के प्रतिनिधियों जैसे पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, नेता विधायक दल महबूब आलम, एमएलसी शशि यादव, चिकित्सक डाॅ सत्यजीत एवं अन्य ने भी संबोधित किया. इस दौरान बिहार के बदलाव के लिए आठ सूत्रीय प्रस्ताव लाये गये. इसमें संकल्प लिया गया कि बिहार को सभी के लिए सम्मान, अधिकार और न्याय के रास्ते आगे बढ़ाया जायेगा. साथ ही नौ मार्च को पटना के गांधी मैदान में भाकपा माले की तरफ से आयोजित ‘बदलो बिहार महाजुटान’ में सभी प्रकार की आंदोलनकारी ताकतों का जुटान कर उसे ऐतिहासिक बनाने की अपील भी की गयी है. समागम भाजपा-संघ द्वारा देश के संविधान और लोकतंत्र पर लगातार किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा करता है. बिहार में दलितों-पिछड़ों के आरक्षण विस्तार को संविधान की नवीं अनुसूची में शामिल करने और पूरे देश में जातीय गणना कराने की मांग भी गयी.
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