Patna News : गुयाना में पांच मई से लगेगी सीता- द डॉटर ऑफ बिहार की प्रदर्शनी

सीता-द डॉटर ऑफ बिहार से अब पूरा विश्व रूबरू होगा. बिहार म्यूजियम की ओर से मई और जून में गुयाना व सूरीनाम में सीता-द डॉटर ऑफ बिहार की प्रदर्शनी लगायी जायेगी.

संवाददाता, पटना : बिहार संग्रहालय की ओर से इस साल विभिन्न देशों के संग्रहालयों के सहयोग से सीता- द डॉटर ऑफ बिहार नामक प्रदर्शनी 5 मई से लेकर 4 जून तक लैटिन अमेरिका के गुयाना में लगायी जायेगी. पिछले साल संग्रहालय में सीता- द डॉटर ऑफ बिहार नाम की प्रदर्शनी लगायी गयी थी, जिसमें 36 लोक कलाकारों ने सीता की जीवनी पर आधारित पेंटिंग तैयार की थी. इसका मकसद बिहार के लोक कलाओं का प्रसार-प्रचार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करना है. इसकी शुरुआत जनवरी के महीने में गोवा के डायरेक्टोरेट ऑफ म्यूजियम के साथ हुई. वहीं, इसके बाद सूरीनाम में जून के महीने में प्रदर्शित की जायेगी. इन सारी जगहों पर एक महीने तक यह प्रदर्शनी लगेगी. जुलाई में यह प्रदर्शनी वापस बिहार संग्रहालय आयेगी और दिसंबर में मैक्सिको में यह प्रदर्शनी एक महीने के लिए लगायी जायेगी.

विभिन्न गैलरियों पर प्रकाशित होंगी किताब

संग्रहालय में अगस्त में होने वाले म्यूजियम बिनाले को लेकर तैयारियां शुरु कर दी गयी हैं. जहां एक ओर अगले एक महीने में संग्रहालय की वेबसाइट का कार्य पूरा हो जायेगा. वहीं दूसरी ओर विभिन्न देशों से आने वाले प्रतिनिधि संग्रहालय को और बेहतर तरीके से समझें, इसके लिए गैलरियों पर किताब तैयार की जा रही है. इसकी जिम्मेदारी विभिन्न गैलरियों से जुड़े को-ऑर्डिनेटर्स को दी गयी है. इसमें रीजनल आर्ट गैलरी की किताब लिखने का कार्य समाप्त हो चुका है. इसके लेखक संग्रहालय के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा हैं. वहीं कंटेंपररी आर्ट गैलेरी के बारे में मोमिता घोष, गैलेरी ए के बारे में रणबीर सिंह राजपूत, गैलेरी बी के बारे में नंद गोपाल और गैलेरी सी व डी के लिए मोमिता घोष लिख रही हैं.

बिनाले को लेकर तैयारियां शुरू

बिहार संग्रहालय के स्थापना दिवस के अवसर पर हर साल सात अगस्त को म्यूजियम बिनाले का आयोजन किया जाता है. यह आयोजन इस बार 31 दिसंबर तक आयोजित किया जायेगा. इस अवसर पर विभिन्न देश इसका हिस्सा बनेंगे. एशिया, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका के देशों के संग्रहालय, कला संस्थानों को इसके लिए आमंत्रित किया गया है.जिन देशों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है, वे हैं इथियोपिया, इक्वाडोर, इंडोनेशिया, श्रीलंका, पेरू, वेनेजुएला और अर्जेंटीना. अभी मैक्सिको और कजाकिस्तान से बात की जा रही है.तीन भारतीय संग्रहालय खासकर राष्ट्रीय आधुनिक कला गैलरी नयी दिल्ली, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ( आइजीएनसीए) और राजस्थान का मेहरानगढ़ संग्रहालय के बिनाले में अपनी प्रदर्शनियों के साथ भाग लेंगे.

प्रदर्शनी के साथ सेमिनार का होगा आयोजन

इसके अलावा विभिन्न देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के कलाकारों की ओर से एक प्रदर्शनी भी होगी. इन प्रदर्शनियों को इन देशों के विशेषज्ञों की ओर से क्यूरेट किया जायेगा और बिहार संग्रहालय की टीम की ओर से सहायता प्रदान की जायेगी. सीनोग्राफी और समन्वय बतुल राज मेहता की टीम करेगी. भारत और चीन की संस्कृति के बीच समानताओं को दर्शाने वाली एक प्रदर्शनी भी होगी. स्विटजरलैंड की लुसेन यूनिवर्सिटी लैब बिहार संग्रहालय की महत्वपूर्ण मूर्तियों और कलाकृतियों को प्रदर्शित करने वाली एक इंटरैक्टिव इंस्टॉलेशन लायेगी. कला, संस्कृति, संगीत और वैश्विक दक्षिण की विरासत पर सेमिनार होंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >