जून अंत तक पूरा हो जायेगा मंदिरी नाले का पुनर्निर्माण

मंदिरी नाले का पुनर्निर्माण और इसको ढक कर इस पर पक्की सड़क का निर्माण जून अंत तक पूरा हो जायेगा. इसका लगभग 80 फीसदी काम पूरा हो गया है.

संवाददाता, पटना मंदिरी नाले का पुनर्निर्माण और इसको ढक कर इस पर पक्की सड़क का निर्माण जून अंत तक पूरा हो जायेगा. इसका लगभग 80 फीसदी काम पूरा हो गया है. बचा 20 फीसदी काम भी अगले डेढ़ महीने में पूरा हो जायेगा. बचे काम को तेजी से पूरा करने के लिए एक साथ एक से अधिक जगह काम लगाया गया है. नाले का पुनर्निर्माण करने के साथ-साथ उसके ऊपर सड़क का भी निर्माण कराया जा रहा है. सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद सड़क और उसके आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए उसके दोनों ओर के क्षेत्र की लैंड स्केपिंग भी होगी. 86 करोड़ खर्च कर बन रही 1289 मीटर लंबी सड़क मंदिरी नाले के ऊपर पटना स्मार्ट सिटी निगम लिमिटेड 86.98 करोड़ खर्च कर 1289 मीटर लंबी सड़क बना रहा है. यह सड़क बेली रोड के आयकर गोलंबर को दानापुर बांकीपुर पथ के बांसघाट से जोड़ेगी. पूरे नाले में बॉक्स ड्रेन और उसके ऊपर दो लेन की सड़क बनायी जा रही है. नाले पर बनी सड़क के दोनों ओर सर्विस लेन भी बनायी जा रही है, ताकि बीच रास्ते में ही मुड़ने या बीच रास्ते में सड़क पर आने वाले वाहनों को आने-जाने में परेशानी नहीं हो. साथ ही सर्विस नाला और यूटिलिटी डक्ट का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसमें दोनों ओर के घरों से निकलने वाले सीवरेज को लाने वाली नालियां गिरेंगी. तीन डिसिल्टिंग चैंबर और चार स्लुइस गेट का भी जारी है निर्माण मंदिरी नाले में साफ सफाई के लिए दो रैंप और तीन डिसिल्टिंग चेंबर का भी निर्माण जारी है. साथ ही चार स्लुइस गेट भी बनाये जा रहे हैं, ताकि बरसात के समय गंगा में पानी का लेवल बढ़ने के बाद उसका पानी इधर नहीं आ पाये. नौ बड़े नाले मिलते हैं मंदिरी नाले में मंदिरी नाला शहर का सबसे बड़ा नाला है. इसमें शहर के नौ बड़े नाले मिलते हैं, जिनमें एसपी वर्मा रोड नाला, मीठापुर नाला, गर्दनीबाग नाला, बाबू बाजार नाला, धोबीघाट नाला, इको पार्क नाला, छज्जुबाग नाला, एमएलए फ्लैट नाला और सिंचाई भवन नाला शामिल हैं. शहर के सीवरेज ही नहीं बारिश के पानी की निकासी में भी इस नाले की महत्वपूर्ण भूमिका है. इससे कुल छह कैचमेंट क्षेत्र जुड़े हैं. 19 सिंतबर 2023 को इस नाले के विकास के प्रोजेक्ट को लेकर काम करने वाली एजेंसी के साथ बुडको का एकरारनामा हुआ था. उसके बाद काम शुरू हुआ और लगभग 21 महीने बाद अगले माह अंत तक यह निर्माण कार्य पूरा होने वाला है.

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Published by: Durgesh kumar

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