फुलवारीशरीफ. बेऊर थाने के बलमीचक निवासी प्रोफेसर के बेटे के अपहरण की खबर झूठी निकली. वह मां की डांट से नाराज होकर घर से अकेले निकल गया था. मंगलवार की देर शाम उस समय हड़कंप मच गया था, जब नौवीं के छात्र ने पटना जंक्शन पर पहुंच कर ट्रैफिक पुलिस को बताया कि काले रंग की स्कॉर्पियो से उसका अपहरण कर अपराधी ले जा रहे थे, लेकिन जाम के दौरान वह किसी तरह बच कर भाग निकला. बच्चे ने पुलिस से मोबाइल फोन लेकर परिजनों को जानकारी दी, तो मामले ने तूल पकड़ लिया. कई थानों की पुलिस जांच में जुट गयी. शक की सुई स्कॉर्पियो सवार कथित अपहर्ताओं पर घूमने लगी और पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर किया.
सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
इस दौरान बलमीचक के पास लगे कैमरे में साफ दिखा कि बच्चा खुद सड़क पार कर पैदल जा रहा है और इसके बाद वह ऑटो में बैठ गया. आगे जीपीओ के पास और फिर अन्य जगहों के कैमरों में भी वह अकेले पैदल चलता दिखायी दिया. किसी स्कॉर्पियो या अपहरण जैसी कोई घटना सामने नहीं आयी. पुलिस ने जब बच्चे और उसके परिजनों को बुला कर फुटेज दिखाया, तो उसने सच्चाई स्वीकार की. उसने बताया कि मां की डांट से नाराज होकर वह घर से निकल गया था और जंक्शन पहुंचने पर घबरा गया. उसके पास मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए पुलिस से मदद मांगते हुए अपहरण की मनगढ़ंत कहानी गढ़ दी, ताकि परिजनों से संपर्क कर सके. डीएसपी फुलवारीशरीफ ने बताया कि बच्चा नौवीं का छात्र है और घर से मां की डांट के कारण बाहर निकला था. पुलिस जांच में स्पष्ट हो गया है कि अपहरण की कोई घटना नहीं हुई थी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
