लोकसभा चुनाव में टिकट देने के बदले 5 करोड़ रुपये ठगने के आरोप से विवादों में घिरने के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस आरोप को तहरीज ना देते हुए उल्टा यह सवाल दागा है कि शिकायतकर्ता के पास 5 करोड़ रुपये कहां से मिले हैं इसका पता लगाना चाहिए.
दरअसल, अदालत के द्वारा तेजस्वी यादव, मीसा भारती और मदनमोहन झा समेत छह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश कोतवाली थाने को दिया गया था. यह पूरा मामला चुनाव में टिकट देने का वादा करके 5 करोड़ रुपये लेने के आरोप से जुड़ा हुआ है. शिकायत संजीव कुमार सिंह के द्वारा दाखिल की गई थी. संजीव कुमार सिंह खुद को कांग्रेस नेता बताते हैं. साथ ही सुप्रीम कोर्ट का वकील होने का भी वो दावा करते हैं.
अदालत के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश के बाद बिहार की राजनीति भी गरमा गई. पूर्व उपमुख्यमंत्री व भाजपा सांसद सुशील मोदी ने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा कि लालू यादव ने जब मंत्री बनवाने के लिए मकान लिखवा लिया था, कुली और चपरासी बनवाने के लिए गरीबों की जमीन हासिल कर ली थी तो उनकी पार्टी में टिकट बेचना अब भ्रष्टाचार नहीं बल्कि शिष्टाचार बन चुका है. उन्होंने तेजस्वी और मीसा भारती समेत 6 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की.
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वहीं इस विवाद को लेकर तेजस्वी यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, तेजस्वी ने कहा कि ‘अगर कोई टॉम, डिक या हैरी मेरे खिलाफ मामला दर्ज करता है तो मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. लेकिन सवाल यह है कि शिकायतकर्ता को 5 करोड़ रुपये कहां से मिले?’.
बता दें कि शिकायतकर्ता संजीव कुमार सिंह ने तेजस्वी यादव, मदन मोहन झा, मीसा भारती, सदानंद सिंह (स्वर्गीय), सुभानंद व राजेश राठौर पर टिकट के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया है. लोकसभा चुनाव में उन्हें और उनके भाई को टिकट देने के नाम पर इस पैसे के लेनदेन का आरोप है.
POSTED BY: Thakur Shaktilochan
