Tejashwi Yadav: राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने देश निर्माण में श्रमिकों की भूमिका को अतुलनीय बताते हुए मजदूरों के सम्मान, अधिकार और बेहतरी पर चर्चा की कमी पर सवाल उठाया.
श्रमिकों को बताया देश की असली ताकत
तेजस्वी यादव ने लिखा कि श्रमिक अपने समर्पण, सेवा भाव और मेहनत से देश की प्रगति की नींव रखते हैं. उनके उत्थान, परिवार, गांव और प्रदेश के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता. उन्होंने कहा कि श्रमिकों की स्थिति सुधारे बिना विकसित भारत की बात करना ईमानदार सोच नहीं हो सकती.
बिहार से पलायन को बताया सबसे बड़ा संकट
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि पिछले 21 वर्षों की एनडीए सरकार की गरीब विरोधी और पूंजीपरस्त नीतियों के कारण हर साल बिहार से करीब 4 करोड़ लोग रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करते हैं. बिहार के मजदूरों को बाहर जाकर अपमान, हिंसा और भेदभाव झेलना पड़ता है.
नोटबंदी, लॉकडाउन और गैस संकट का भी उठाया मुद्दा
आरजेडी नेता ने कहा कि नोटबंदी, लॉकडाउन और एलपीजी संकट जैसे फैसलों का सबसे ज्यादा असर बिहार के मजदूरों पर पड़ा. उन्होंने कहा कि संकट के समय मजदूरों को अपने हाल पर छोड़ दिया गया और जब वे बिहार लौटे तो उनके लिए रोजगार की ठोस व्यवस्था नहीं की गई.
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सम्राट चौधरी सरकार पर तंज
तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर बिहार श्रमिकों की सबसे बड़ी सप्लाई देने वाला राज्य बन गया है तो सरकार को बिहार का नाम ही श्रमिक प्रदेश कर देना चाहिए. अपने पोस्ट के अंत में तेजस्वी यादव ने लोगों से बिहार से पलायन रोकने और मजदूरों के जीवन में सुधार लाने का संकल्प लेने की अपील की.
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