संवाददाता, पटना महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाषणों की भाषा शैली और उनके प्रयुक्त शब्दों के इस्तेमाल पर सख्त एतराज जताया है. कहा कि उन्होंने अपने भाषणों से बिहार को बदनाम किया है. उनकी भाषा उनके पद की गरिमा के खिलाफ है. प्रधानमंत्री न जाने कैसे-कैसे शब्द बोल रहे हैं. तरह-तरह के गाने गा रहे हैं. पता नहीं वे कौन सी वेब सीरीज देख रहे हैं. उन्हें मेरी तरफ से कलम बांटने और की जा रही बिहार के विकास की बातें क्यों नहीं दिखती है. उन्होंने यह बातें सोमवार को पोलो रोड स्थित अपने सरकारी आवास में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही हैं. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा कि हम कलम का राज लाना चाहते हैं. हम विकसित बिहार बना कर रहेंगे. एनडीए नकारात्मक प्रचार करने में लगा है. दिल्ली में हुआ विस्फोट चिंताजनक और पीड़ादायक: इधर, तेजस्वी यादव ने बयान जारी कर कहा है कि दिल्ली में कार विस्फोट की दुःखद सूचना मिली है.देश की राजधानी में ऐसे विस्फोट चिंताजनक और पीड़ादायक है. तेजस्वी ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रथम चरण का चुनाव हुए चार दिन से अधिक बीत चुके हैं. मतदान के अंतिम आंकड़े अभी तक सामने नहीं आ सके हैं. महिला और पुरुषों ने कितना-कितना मतदान किया. यह जानकारी भी सामने नहीं आ सकी है. आखिर ये आंकड़े छुपाये क्यों जा रहे हैं. पहले के चुनाव में मतदान के 24 घंटे के अंदर सारी जानकारी सामने आ जाता थी. तकनीक और एआइ के जमाने में चार दिन बाद भी आंकड़ों का सामने न आना हैरत की बात है. यह देश को बदनाम करने वाली बात है. देश ही नहीं विदेश में भी इसका मजाक उड़ रहा है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कई जगह काउंटिंग सेंटर पर सीसीटीवी रात में कुछ देर के लिए बंद कर दिये जा रहे हैं. ऐसा रात में ही क्यों हो रहा है? समस्तीपुर के सरायरंजन में वीवीपीपैट बड़ी संख्या में पाये गये हैं़ आयोग को स्पष्ट करना चाहिए. उन्होंने पीएम पर आरोप लगाया कि उन्हें अपनी पार्टी या एनडीए के मंत्रियों के भ्रष्टाचार क्यों नहीं दिखते हैं? उन्हें अपने एनडीए के उम्मीदवार अनंत सिंह, पप्पू पांडेय, धूमल सिंह, हुलास पांडेय, राजू सिंह, जीवेश मिश्रा, मनोरमा देवी, राजबल्लभ यादव, राजू तिवारी व आनंद मोहन जैसे लोगों के अपराध क्यों नहीं दिखते हैं? पीएम और गृह मंत्री बताएं कि सृजन घोटाले के आरोपी विपिन शर्मा से आप क्यों मिले. तेजस्वी ने सवाल किया कि चुनाव में सुरक्षा प्रबंध के लिए भाजपा शासित राज्यों से पुलिस बल की 208 कंपनियां बिहार में क्यों बुलायी गयी हैं. इसी तरह उन्होंने सवाल उठाया कि 243 विधानसभा क्षेत्रों में 68 % ऑब्जर्वर भाजपा शासित राज्यों से क्यों है? पहले भी चुनाव में पुलिस बल आते थे, लेकिन वह केंद्रीय सुरक्षा बल होते थे. उन्होंने हैरत व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव में पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल, झारखंड से पुलिस बल नहीं मंगाये गये? इसका क्या कारण है? उन्होंने दोहराया कि महागठबंधन सरकार बनने के बाद लॉ एंड ऑर्डर के मामले में कोई समझौता नहीं किया जायेगा. चाहे मेरा कितना ही करीबी, यहां तक कि वह मेरी परछायी ही क्यों न हो, उन्हें सजा दिलायी जायेगी. 14 नवंबर को रिजल्ट आयेगा. हमारी सरकार बनी, तो 18 को हम शपथ लेंगे. 26 नवंबर से 26 जनवरी तक सभी अपराधियों को जेल की सलाखों में भेज दिया जायेगा. मकर संक्रांति के दिन 14 जनवरी को महिलाओं के खाते में माई बहिन मान योजना की ढाई हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से एक साल की कुल राशि तीस हजार रुपये एकमुश्त दे दिये जायेंगे.
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