Tej Pratap-Anushka Controversy: तेजप्रताप यादव को लेकर एक नया विवाद सामने आया है. अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने तेजप्रताप यादव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है. आकाश का कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि तेजप्रताप यादव ने कहा था कि अगर उन्हें उनकी पत्नी से मिलने से रोका गया तो अनुष्का की बेटी उज्जैनी का अपहरण करा दिया जाएगा. साथ ही हिंसक परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई थी.
दूसरी ओर तेजप्रताप यादव ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया है.
क्या है पूरा मामला?
आकाश यादव ने तेजप्रताप यादव, उनके करीबी सहयोगी मोतीलाल यादव और लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी देने वाले एक शख्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के आधार पर अब FIR दर्ज हो चुकी है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
आकाश यादव का दावा है कि 6 जून को वह खाटूश्याम यात्रा पर गए हुए थे. इसी दौरान तेजप्रताप यादव अपने सहयोगी मोतीलाल यादव के साथ उनके पाटलिपुत्र स्थित घर पहुंचे थे. आरोप है कि दोनों ने घर में घुसने की कोशिश की और परिवार के लोगों को धमकाया.
फोन पर मिली धमकी का आरोप
आकाश यादव के मुताबिक, घटना के बाद उन्हें मोतीलाल यादव का फोन आया. बातचीत के दौरान उन्हें चुप रहने की सलाह दी गई. इसके कुछ देर बाद एक और कॉल आया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया.
आकाश का आरोप है कि फोन पर कहा गया कि तेजप्रताप यादव के खिलाफ कुछ भी बोलने से पहले अंजाम के बारे में सोच लेना. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई.
पुलिस ने नहीं सुनी तो कोर्ट पहुंचे (Tej Pratap-Anushka Controversy)
आकाश यादव ने बताया कि उन्होंने 10 जून को पाटलिपुत्र थाने में लिखित शिकायत दी थी. उनका आरोप है कि पुलिस ने तत्काल FIR दर्ज नहीं की. इसके बाद उन्होंने 17 जून को पटना व्यवहार न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. आकाश यादव ने कथित कॉल रिकॉर्डिंग और वॉइस नोट को सबूत के तौर पर कोर्ट में जमा कराया है. अब मामले की सुनवाई शुरू हो चुकी है और जांच एजेंसियां रिकॉर्डिंग की जांच कर रही हैं.
‘पुलिस मेरे खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी’
आकाश यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि मोतीलाल यादव से बातचीत के दौरान तेजप्रताप यादव ने भी फोन पर बात की थी. उन्होंने अपनी राजनीतिक पहुंच का जिक्र करते हुए कहा था कि पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी. आकाश के अनुसार, उन्हें कहा गया था कि 6 जून की घटना को पूरी तरह गुप्त रखा जाए, नहीं तो उनकी ‘औकात दिखा दी जाएगी’.
तेजप्रताप यादव ने आरोपों को बताया झूठ
आरोपों के बाद तेजप्रताप यादव ने X पर लंबा पोस्ट लिखकर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है.
तेजप्रताप ने लिखा कि जिस व्यक्ति को कानूनी नोटिस भेजा गया था, वही अब प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर झूठे आरोप लगा रहा है. उन्होंने कहा कि यह उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और जनविश्वास को नुकसान पहुंचाने की सुनियोजित कोशिश है. उन्होंने साफ कहा कि वह कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हैं, लेकिन झूठे आरोप और चरित्रहनन को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
पुलिस ने क्या कहा?
पटना की ASP (लॉ एंड ऑर्डर-2) दिव्यांजलि जायसवाल ने बताया कि आकाश यादव की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है. उन्होंने कहा कि शिकायत में घर पहुंचकर धमकी देने और फोन कॉल के जरिए दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं. आवेदन में अमेरिका के नंबर से कॉल आने का भी जिक्र है. पुलिस वॉइस नोट और कॉल रिकॉर्डिंग समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
अनुष्का यादव का नाम पहली बार कैसे आया?
दरअसल, पूरे विवाद की शुरुआत मई 2025 में हुई थी. 24 मई 2025 को तेजप्रताप यादव के सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट शेयर किया गया था. पोस्ट में दावा किया गया था कि वह पिछले 12 सालों से अनुष्का यादव के साथ रिलेशनशिप में हैं.
हालांकि कुछ समय बाद यह पोस्ट डिलीट कर दी गई. इसके बाद तेजप्रताप यादव ने कहा कि उनका अकाउंट हैक हो गया था और तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर पोस्ट डाली गई थी. लेकिन पोस्ट हटने के बाद भी दोनों की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे. इनमें शादी और करवा चौथ मनाने जैसे दावे भी किए गए.
बेटी के जन्म के बाद फिर चर्चा में आया मामला
5 फरवरी 2026 को अनुष्का यादव ने एक बेटी को जन्म दिया. इसके बाद 8 फरवरी को सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई कि बच्ची के पिता तेजप्रताप यादव हैं. मामला इतना बढ़ा कि उसी दिन तेजप्रताप यादव को मीडिया के सामने आकर सफाई देनी पड़ी. उन्होंने कहा कि अनुष्का यादव से उनका कोई संबंध नहीं है और बेटी का पिता होने की खबर पूरी तरह झूठी है.
तेजप्रताप ने यह भी दावा किया कि कुछ लोगों ने साजिश के तहत उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि अनुष्का यादव के साथ वायरल तस्वीरों और पोस्ट के पीछे भी साजिश थी.
पुलिस कॉल रिकॉर्डिंग, वॉइस नोट और अन्य सबूतों की जांच कर रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में जांच के नतीजे इस विवाद की दिशा तय कर सकते हैं.
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