Tej Pratap Yadav ने बढ़ाई RJD की टेंशन, बोले- मेरा शरीर कहीं भी रहे...

Tej Pratap Yadav: राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े पुत्र ने फिर महुआ विधानसभा सीट पर दावा ठोका है. इस सीट को लेकर तेज बार-बार जिस प्रकार से बयान दे रहे हैं उसे देखकर लग रहा है कि मौजूदा एमएलए मुकेश रौशन का टिकट कटना तय है.

Tej Pratap Yadav: तेज प्रताप यादव 2025 में महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं. कुछ दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि महुआ में विकास का काम मैंने करवाया. स्कूल, अस्पताल और सड़क बनवाया. इतना काम करवाने के बाद मैं नहीं तो और कौन यहां से चुनाव लड़ेगा. उनके इस बयान के बाद महुआ के मौजूदा विधायक मुकेश रौशन फूट-फूट कर रोने लगे. तेज प्रताप का ऐलान उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आया. अब फिर हसनपुर से विधायक तेज प्रताप यादव ने कहा, ‘महुआ हमारी परंपरागत सीट रही है. मैंने महुआ के विकास के लिए अपने विधायक फंड के साथ ही साथ माता जी के फंड से भी राशि दिलवाया.अपने कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज दिलवाया. मेरा शरीर कहीं भी रहे मेरी आत्मा महुआ में ही रहता है.’

क्या बोले थे मुकेश रौशन

महुआ सीट से विधायक मुकेश रौशन से जब टिकट कटने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था, ‘तेज प्रताप लालू प्रसाद के बेटे हैं, उनसे मैं अपनी तुलना कैसे कर सकता हूं, मैं एक छोटा सा कार्यकर्ता हूं. चुनाव नहीं लड़ेंगे तो गांव जाकर खेत थोड़े ही न जोतेंगे, हम भी डॉक्टर हैं जाकर क्लिनीक चलाएंगे. जनता की सेवा करने के लिए और भी बहुत से तरीके हैं.’

तेज प्रताप महुआ से लड़ चुके हैं चुनाव

मालूम हो कि 2015 तेज प्रताप यादव पहले भी महुआ सीट से चुनाव जीत चुके हैं. तब तेज प्रताप सीएम नीतीश कुमार की महागठबंधन सरकार में हेल्थ मिनिस्टर बनाए गए थे. रविवार को तेज प्रताप ने हाजीपुर में इस सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. चार दिनों के भीतर उन्होंने फिर इस सीट पर अपना दावा ठोक दिया है. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि आरजेडी उनके बयान पर क्या रुख अपनाती है. क्या वर्तमान विधायक मुकेश रोशन का पत्ता कटेगा या फिर लालू यादव के बड़े लाल को हसनपुर से ही चुनाव लड़ना होगा?

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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