Swachh Survekshan 2025: स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर पटना नगर निगम ने सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके तहत पार्क, गार्डेन, स्कूल और टूरिस्ट प्लेस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. निगम ने शहर के विभिन्न अंचलों में 9 पार्क व गार्डेन को चिन्हित किया है, जबकि न्यूनतम सीटीयू (स्वच्छता लक्ष्य इकाई) 12 निर्धारित है. नूतन राजधानी अंचल के वार्ड 21 में हार्डिंग पार्क, वार्ड 9 के राजवंशी नगर स्थित इको पार्क और वार्ड 28 के फ्रेजर रोड स्थित बुद्धा पार्क को शामिल किया गया है. पाटलिपुत्र अंचल के वार्ड 7 में इनर्जी पार्क और वार्ड 22 में विवेकानंद पार्क, कंकड़बाग अंचल के वार्ड 33 में ट्रंक रोड स्थित अमृत उद्यान पार्क और वार्ड 34 में कंकड़बाग टेंपू स्टैंड के पास शिवाजी पार्क, जबकि बांकीपुर अंचल के वार्ड 39 में खेतान मार्केट के पास पोखर पार्क को चिन्हित किया गया है.
इन पार्कों में सफाई के साथ शौचालय, पेयजल, डस्टबिन की व्यवस्था की जाएगी और टूटे बेंचों की मरम्मत होगी. वहीं, सभी अंचलों में 5-5 स्कूलों को चिन्हित किया गया है. इसमें केंद्रीय विद्यालय, राजेंद्र पब्लिक स्कूल, गंगा देवी महिला कॉलेज, लिट्रा वैली सहित कुल 30 स्कूल शामिल हैं, जहां स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित होगा और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
ये भी पढ़ें: नगर निगम जारी करेगा 200 करोड़ का Municipal Bond; नासिक मॉडल पर बनेगा आत्मनिर्भर पटना
आठ टूरिस्ट प्लेस को सर्वेक्षण के अनुरूप किया जा रहा तैयार
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए न्यूनतम छह टूरिस्ट प्लेस दिखाने का प्रावधान है, लेकिन नगर निगम ने आठ स्थानों को चिन्हित कर कार्य शुरू किया है. इसमें बिहार म्यूजियम, तारामंडल, बापू टावर, गोलघर, कुम्हरार पार्क, साइंस सिटी, पटन देवी मंदिर और गुरुद्वारा शामिल हैं. बताया जा रहा है कि इस वर्ष बेहतर अंक मिलने की संभावना है, क्योंकि बापू टावर और प्रेमचंद रंगशाला स्थित साइंस सिटी नए टूरिस्ट प्लेस हैं.गोलघर के कुछ येलो और रेड स्पॉट को दुरुस्त किया जाएगा. साथ ही पेयजल, शौचालय, सफाई व्यवस्था सुधारी जाएगी और बंद फव्वारे भी शुरू कराए जाएंगे.
ये भी पढ़ें: केवल नाला और स्लम ही नहीं, ट्रांसपोर्ट हब व कॉलोनी भी होगी चकाचक
85 कचरा प्वाइंट को किया गया चिन्हित
पटना नगर निगम ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के दौरान सभी अंचलों में 85 कचरा प्वाइंट चिन्हित किए हैं. आज से इन प्वाइंटों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा. लोगों को जागरूक करने के लिए इन स्थानों पर स्वच्छता भोज का भी आयोजन किया जाएगा. इसकी शुरुआत मकर संक्रांति से हो चुकी है. गौरतलब है कि गार्बेज फ्री सिटी में पटना को थ्री स्टार रेटिंग मिली है. पिछले वर्ष 658 कचरा प्वाइंट हटाए गए थे. लेकिन इस साल 85 स्थानों पर फिर से कचरा प्वाइंट बन गए हैं, जिन्हें हटाया जाएगा.
ये भी पढ़ें: पटना में कचरा कलेक्शन पर संकट: निगम के तीन में से एक वाहन खराब, Street Light एजेंसी का भी टेंडर खत्म
प्रभात नॉलेज: स्वच्छता सर्वे के फील्ड असेस्मेंट में बेहतर अंक पाने के लिए निगम को जमीनी स्तर पर साफ-सफाई दिखानी होती है. नालों व स्टॉर्म वॉटर ड्रेन की नियमित उड़ाही, कचरा सेग्रिगेशन, बैक लेन की सफाई, स्लम एरिया में स्वच्छता, ट्रांसपोर्ट हब और सार्वजनिक स्थलों पर साफ शौचालय, शिकायतों का त्वरित निवारण और नागरिकों की सकारात्मक फीडबैक से मार्किंग बेहतर होती है.
ये भी पढ़ें: राजधानी में आग लगी तो क्या होगा? 24 में से एक Fire Hydrant कर रहा काम
प्रभात इनडेप्थ: स्वच्छता सर्वेक्षण (Swachh Survekshan 2025) में बेहतर रैंकिंग से शहर की राष्ट्रीय पहचान मजबूत होती है. केंद्र सरकार से अतिरिक्त अनुदान, नई स्वच्छता परियोजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के अवसर बढ़ते हैं. निवेश और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है. साथ ही, नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ती है और जीवन स्तर में सुधार होता है. 2024-25 में पटना को थ्री स्टार रेटिंग और 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में देश में 21वां स्थान मिला था.
ये भी पढ़ें: आशियाना-दीघा, कंकड़बाग समेत 19 सड़कें बनीं प्रधान मुख्य सड़क, बढ़ेगा Property Tax
