चीनी के बढ़ते दाम पर मंत्री श्रवण कुमार का अजब तर्क, बोले- ‘आजकल मिठाई कौन खाता है, सबको डायबिटीज है’

बिहार में चीनी की कीमतों में भारी उछाल आया है, खुदरा भाव 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. इस बीच, मंत्री श्रवण कुमार के बयान ने लोगों को और परेशान कर दिया है.

Sugar Price High : बिहार में बढ़ती महंगाई के बीच अब चीनी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है. बाजार में चीनी का खुदरा भाव करीब 64 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. वहीं, थोक बाजार में भी चीनी की कीमतों में उछाल आया है. इस बीच चीनी के बढ़ते दाम को लेकर बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता श्रवण कुमार का बयान चर्चा में आ गया है. उन्होंने कहा कि आजकल लोग वैसे भी कम चीनी खा रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग डायबिटीज से परेशान हैं. ऐसे में चीनी की कीमत बढ़ने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा.

चीनी के दाम बढ़े तो मंत्री बोले- ‘मिठाई कौन खाता है?’

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री श्रवण कुमार से चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा कि आजकल वैसे भी लोग कम चीनी खा रहे हैं. उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि कई लोग डायबिटीज से परेशान हैं और ऐसे में मिठाई खाने वालों की संख्या भी कम हो रही है.

मंत्री के इस बयान के बाद चीनी की कीमतों से ज्यादा उनके बयान की चर्चा होने लगी है. सोशल मीडिया पर भी लोग मंत्री के इस तर्क पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

₹65 किलो तक पहुंचा चीनी का भाव

बताया जा रहा है कि बिहार के बाजारों में चीनी का खुदरा भाव बढ़कर करीब 64 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. वहीं थोक मंडियों में चीनी का भाव करीब 6000 से 6250 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बताया जा रहा है.

पिछले कुछ सप्ताह में चीनी की कीमतों में तेजी आने से आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर भी इसका असर पड़ने लगा है. चाय, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी का इस्तेमाल होने के कारण कीमत बढ़ने का असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ सकता है.

महंगाई से परेशान लोगों को मंत्री का बयान क्यों चुभा?

चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब आम लोग पहले से ही रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं. ऐसे में मंत्री का यह कहना कि लोग वैसे भी चीनी कम खाते हैं, लोगों को असहज कर रहा है.

घरेलू इस्तेमाल के अलावा मिठाई और खाद्य कारोबार से जुड़े दुकानदारों पर भी चीनी की कीमत बढ़ने का असर पड़ सकता है. चीनी महंगी होने पर मिठाई, चाय और अन्य उत्पादों की लागत बढ़ सकती है, जिसका बोझ अंततः ग्राहकों पर पड़ सकता है.

मंत्री ने डायबिटीज का दिया हवाला

श्रवण कुमार ने चीनी की कीमतों पर चिंता जताने के बजाय देश में बढ़ रहे डायबिटीज के मामलों का हवाला दिया. उनका कहना था कि आजकल बड़ी संख्या में लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, इसलिए लोग चीनी और मिठाई से परहेज कर रहे हैं.

हालांकि, मंत्री के इस तर्क को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि चीनी का इस्तेमाल केवल मिठाई खाने में ही नहीं होता, बल्कि चाय, नाश्ते और घर में बनने वाले कई खाद्य पदार्थों में भी इसका इस्तेमाल होता है.

सोशल मीडिया पर बयान की चर्चा

चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच मंत्री श्रवण कुमार का बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. लोग महंगाई और आम आदमी के घरेलू बजट से जोड़कर मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

एक तरफ बाजार में चीनी की कीमत बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ मंत्री का यह कहना कि लोगों को डायबिटीज है और मिठाई कौन खाता है, राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बनता दिख रहा है.

चीनी महंगी तो मिठाई के दाम पर भी पड़ सकता है असर

चीनी की कीमत बढ़ने का असर केवल घर के बजट तक सीमित नहीं रह सकता. मिठाई कारोबारियों के लिए चीनी प्रमुख कच्चे माल में शामिल है. ऐसे में लागत बढ़ने पर मिठाई की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है.

त्योहार, शादी-ब्याह और अन्य पारिवारिक आयोजनों में मिठाई की मांग बनी रहती है. ऐसे में चीनी के दाम बढ़ने से कारोबारियों की लागत और ग्राहकों की जेब, दोनों पर असर पड़ने की आशंका है.

अब चीनी की कीमत और मंत्री के बयान पर सियासी चर्चा

बिहार में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच मंत्री श्रवण कुमार का बयान अब राजनीतिक और सोशल मीडिया चर्चा का विषय बन गया है. जहां महंगाई को लेकर आम लोग चिंता जता रहे हैं, वहीं मंत्री का डायबिटीज और मिठाई से जुड़ा तर्क सवालों के घेरे में है. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों में राहत मिलती है या आम लोगों को इसके लिए और अधिक कीमत चुकानी पड़ती है.

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By विवेक सिंह

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