पटना में शब्बीर कुमार का जलवा, प्रभात खबर की सुर संध्या में 3000 लोग पुराने गीतों पर झूमे

श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल, पटना में 'सुर संध्या' का आयोजन किया गया, जहाँ बॉलीवुड गायक शब्बीर कुमार ने अपने सदाबहार गीतों से 3000 संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया. 'एक शाम... पुरानी यादों के नाम' थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में पुराने गानों की धुनें गूंज उठीं.

Prabhat Khabar Sur Sandhya : 80 और 90 के दशक के सदाबहार गीतों के दीवाने पटना के लोगों के लिए शनिवार की शाम खास रही. श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल, गांधी मैदान में प्रभात खबर की ओर से ‘सुर संध्या’ का आयोजन किया गया. ‘एक शाम... पुरानी यादों के नाम’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक शब्बीर कुमार ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा. करीब 3000 संगीत प्रेमियों की मौजूदगी में पूरा हॉल पुराने गीतों की धुनों से गूंज उठा.

मंच पर शब्बीर कुमार की एंट्री होते ही झूम उठा हॉल

कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल का माहौल पूरी तरह संगीतमय हो गया. जैसे ही शब्बीर कुमार मंच पर पहुंचे, दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया. इसके बाद उन्होंने अपनी लोकप्रिय आवाज में एक के बाद एक सदाबहार गीत पेश कर संगीतप्रेमियों को पुरानी यादों में पहुंचा दिया.


प्रभात खबर की सुर संध्या में लोगों ने बांधा समा

‘हरी-हरी चूड़ियां’ और ‘मुझे पीने का शौक नहीं’ पर खूब बजी तालियां

शब्बीर कुमार ने ‘हरी-हरी चूड़ियां’ और ‘मुझे पीने का शौक नहीं’ जैसे लोकप्रिय गीत सुनाकर दर्शकों का उत्साह बढ़ा दिया. गीत शुरू होते ही दर्शक तालियों के साथ सुर मिलाने लगे. कई लोग अपनी सीटों पर ही झूमते नजर आये, जबकि युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने कार्यक्रम का जमकर आनंद लिया.

सदाबहार गीतों ने लौटाया 80-90 के दशक का दौर

कार्यक्रम में ‘अब हम यहां होंगे...’, ‘तुमसे मिलकर न जाने क्यों...’, ‘जिंदगी हर कदम एक नयी जंग है...’, ‘बादल यूं गरजता है...’, ‘जिहाले मस्कीं...’ और ‘ये सो गया ये जहां...’ जैसे गीतों ने भी खूब रंग जमाया. इन गीतों के साथ दर्शकों की पुरानी यादें भी ताजा होती रहीं.


sk मेमोरियल हाल के बाहर की तस्वीर

दर्शकों ने शब्बीर कुमार के साथ मिलाये सुर

शब्बीर कुमार के कई गीतों में दर्शकों ने भी उनके साथ सुर मिलाया. पूरे हॉल में तालियों की गूंज और गीतों पर झूमते लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था. कार्यक्रम में मौजूद संगीत प्रेमियों के लिए यह केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि पुराने दौर की यादों को दोबारा जीने का मौका बन गया.

युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक दिखा जबरदस्त उत्साह

‘सुर संध्या’ में अलग-अलग उम्र के लोग शामिल हुए. खासकर 80 और 90 के दशक के गीतों से जुड़ी पीढ़ी अपने पसंदीदा गायक को लाइव सुनकर काफी उत्साहित नजर आयी. वहीं युवाओं ने भी शब्बीर कुमार के गीतों का खूब आनंद लिया. कई गीतों के दौरान दर्शकों ने मोबाइल फोन की रोशनी और तालियों के साथ माहौल को और खुशनुमा बना दिया.

पाठकों के लिए प्रवेश रखा गया था नि:शुल्क

प्रभात खबर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पाठकों के लिए प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया था. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पाठकों को प्रभात खबर के पटना कार्यालय से पास उपलब्ध कराया गया था.


प्रभात खबर की सुर संध्या में 3000 लोगों ने बांधा समा

पटना की शाम को सुरों और यादों से भर गया ‘सुर संध्या’

श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित ‘सुर संध्या’ ने पटना की शाम को 80-90 के दशक के संगीत की यादों से भर दिया. शब्बीर कुमार की आवाज, सदाबहार गीतों की धुन और करीब 3000 संगीतप्रेमियों का उत्साह कार्यक्रम की खास पहचान बना. ‘एक शाम... पुरानी यादों के नाम’ का यह आयोजन लंबे समय तक पटना के संगीतप्रेमियों की यादों में बना रहेगा.

Also Read : पटना एयरपोर्ट से कारोबारी अपहरण-हत्या का मास्टरमाइंड बजरंगी गिरफ्तार, टॉप-10 अपराधियों में था शामिल



प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By विवेक सिंह

विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 वर्षों से सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. अध्ययन के दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की, जहां उन्हें न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, टीवी समाचार निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, फील्ड रिपोर्टिग और प्रसारण प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.

पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है.

इसके साथ ही वे NGO से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं.

वर्तमान में विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.

विवेक सिंह किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. वे विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित करते हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग और लेखन में सटीकता तथा विश्वसनीयता बनी रहती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाले विवेक सिंह पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >