हर साल 30 हजार आंखों की सर्जरी का लक्ष्य निर्धारित करें : मंगल पांडे

राजधानी पटना के अति विशिष्ट नेत्र विज्ञान केंद्र में नेत्र बैंक की तैयारी पूर्ण हो चुकी है और जल्द ही इसकी शुरुआत की जायेगी.

संवाददाता, पटना

राजधानी पटना के अति विशिष्ट नेत्र विज्ञान केंद्र में नेत्र बैंक की तैयारी पूर्ण हो चुकी है और जल्द ही इसकी शुरुआत की जायेगी. पिछले एक वर्ष में इस केंद्र में 80 हजार से अधिक नेत्र रोगियों की जांच की गयी, इनमें मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, कॉर्निया व रेटिना से संबंधित रोगी शामिल थे. इस अवधि में 5 हजार से अधिक नेत्र सर्जरी की गयी हैं. इनमें से पिछले छह महीनों में ही 2,600 से अधिक आपरेशन संपन्न हुए हैं. यहां के चिकित्सकों को लक्ष्य करना चाहिए कि प्रतिदिन 100 से अधिक नेत्र आपरेशन किये जाएं. उस हिसाब से सालाना लगभग 30-36 हजार नेत्र ऑपरेशन का लक्ष्य निर्धारित किया जाये. यह कहना है बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का. उन्होंने सोमवार को राजेन्द्र नगर स्थित अति विशिष्ट नेत्र विज्ञान केन्द्र, पटना में डीएनबी पाठ्यक्रम के लिए निर्मित नवीन ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया. उद्घाटन सत्र में विधायक अरुण सिन्हा भी उपस्थित रहे.

16 छात्र-छात्राओं को दिया गया प्रमाणपत्र

कार्यक्रम में बैचलर ऑफ आप्टोमेट्री पाठ्यक्रम के 16 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया. इस दौरान मंत्री ने कहा कि यहां आने वाले मरीजों को मुफ्त चश्मे का वितरण भी किया जा रहा है. नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण व अत्याधुनिक संसाधनों की आवश्यकता को देखते हुए यह ऑडिटोरियम विकसित किया गया है, इससे विद्यार्थियों को आधुनिक एवं सत्र आधारित शिक्षण प्रणाली का लाभ मिलेगा. साथ ही, अगले कुछ महीनों में डीएनबी कोर्स के अंतर्गत चार सीटों पर अध्ययन कार्य शुरू किया जायेगा.

दो साल में शंकर नेत्रालय करने लगेगा काम

स्वास्थ्य मंत्री पांडे ने कहा कि यहां गुणवत्ता के साथ-साथ मरीजों के सेवा व संख्या बढ़ाने पर जोर दें. कहा कि आपके सामने राजधानी के क्षेत्रीय चक्षु संस्थान व नये खुल रहे शंकर आइ अस्पताल से प्रतिस्पर्द्धा होने वाली है. ऐसे में पूरी टीम को मेहनत करने की जरूरत है. कहा कि राजेन्द्र नगर अति विशिष्ट नेत्र विज्ञान केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए चिकित्सकों और पारा-मेडिकल कर्मियों को शंकर आइ फाउंडेशन, बेंगलुरु में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है. आगामी दो वर्षों में शंकर नेत्रालय पूरी तरह से यहां कार्य प्रारंभ करेगा, जिसके विशेषज्ञ चिकित्सक यहां आकर स्थानीय टीम को प्रशिक्षित करेंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित किया जा सके. मौके पर बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के सीइओ शशांक शेखर सिन्हा, अति विशिष्ट नेत्र विज्ञान केंद्र, राजेन्द्र नगर के निदेशक डॉ अजीत कुमार द्विवेदी भी थे.

लिफ्ट ने दिया धोखा, 10-15 मिनट तक फंसे रहे लोग

संस्थान में शुभारंभ कार्यक्रम के समापन के बाद मंत्री के निकलते ही लिफ्ट ने धोखा दे दिया. इसके कारण मरीज, उनके परिजन व कई अन्य भी लिफ्ट में 10-15 मिनट तक फंसे रहे. बाद में निदेशक ने तुरंत तकनीकी कर्मी को लगाकर सभी को कुशलता से निकलवाया. इस दौरान लिफ्टमैन नदारद रहे. लिफ्ट में फंसे लोग परेशान रहे.

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Published by: Kumar prabhat

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