-अपने अध्ययन और सोच के दायरे का निरंतर विस्तार करना चाहिए
-आइआइटी पटना में तकनीकी उत्सव ‘सेलेस्टा 2026’ का उद्घाटनसंवाददाता, पटना
आइआइटी पटना में तकनीकी उत्सव सेलेस्टा 2026 का शुक्रवार को उद्घाटन हुआ. उत्सव का उद्घाटन गगनयान मिशन के अंतर्गत भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान के लिए चयनित भारतीय वायु सेना के अंगद प्रताप सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया. उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप ने कहा कि आज के विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने अध्ययन और सोच के दायरे का निरंतर विस्तार करना चाहिए. उन्होंने अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) को राष्ट्र निर्माण की रीढ़ बताते हुए कहा कि वैज्ञानिक सोच और नवाचार के माध्यम से ही भारत को एक सशक्त और शक्तिशाली राष्ट्र बनाया जा सकता है. उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जब छात्र अपने कौशल और ज्ञान के बल पर आत्मनिर्भर बनते हैं, तो उनके भीतर देश और समाज के लिए कुछ करने की स्वाभाविक और प्रबल भावना विकसित होती है. उन्होंने आइआइटी पटना के छात्रों से तकनीक को समाजोपयोगी समाधान के रूप में विकसित करने का आह्वान किया. समारोह में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा जगत से जुड़े कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही. पूरे परिसर में तकनीकी नवाचार, रचनात्मकता और उत्साह का माहौल देखने को मिला.तकनीकी प्रतियोगिताओं में दिखा छात्रों का जोश
सेलेस्टा 2026 के उद्घाटन दिवस पर विभिन्न तकनीकी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. रोबो सॉकर, डेथ रेस, एयरोस्प्रिंट, एलएफआर माइक्रोमॉस और केप्लर मेज जैसी प्रतियोगिताओं में छात्रों की तकनीकी दक्षता, नवाचार क्षमता और टीमवर्क का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला. प्रतियोगिताओं के दौरान परिसर में उत्साह और प्रतिस्पर्धा का माहौल बना रहा. इस अवसर पर प्रो जिम्सन मैथ्यू (डीन, स्टूडेंट अफेयर्स), डॉ अर्पित जैन (प्रभारी प्रोफेसर-टेक), फेस्ट समन्वयक अनंता नंदा और अभितेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी और छात्र उपस्थित रहे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
