सावन में सुबह चार बजे खुलेगा बाबा बिहटेश्वरनाथ धाम का गर्भगृह, श्रद्धालुओं के लिए हो रही विशेष तैयारियां

31 जुलाई से शुरू हो रहे सावन 2026 में बिहटा का बाबा बिहटेश्वरनाथ धाम शिवभक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा। चतुर्मुखी शिवलिंग के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु उमड़ने की उम्मीद है।

Sawan 2026 : 31 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत होने जा रही है. इसके साथ ही बिहटा स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक बाबा बिहटेश्वरनाथ धाम एक बार फिर शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाएगा. पूरे सावन माह में यहां लाखों श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने की संभावना है. बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा आसपास के राज्यों से भी कांवरिये और श्रद्धालु बाबा के दरबार में पहुंचकर जल अर्पित करेंगे और सुख-समृद्धि की कामना करेंगे.

चतुर्मुखी शिवलिंग की है विशेष मान्यता

बाबा बिहटेश्वरनाथ धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित प्राचीन चतुर्मुखी शिवलिंग है. मान्यता है कि यह देश के चुनिंदा चतुर्मुखी शिवलिंगों में से एक है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा पर मात्र एक लोटा जल अर्पित करने से मन की हर मुराद पूरी होती है. यही कारण है कि सावन, महाशिवरात्रि और अन्य पर्वों पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है.

महाभारत काल से जुड़ा है मंदिर का इतिहास

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार बाबा बिहटेश्वरनाथ मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है. कहा जाता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडव इस क्षेत्र में आए थे और तत्कालीन शासक महाराजा वानभट्ट ने यहां चतुर्मुखी शिवलिंग की स्थापना कराई थी. बाद में सोन नदी के कटाव से मंदिर भूगर्भ में समा गया. वर्षों बाद विष्णुपुरा गांव निवासी गरीबा राय को स्वप्न में भगवान शिव ने मंदिर का स्थान बताया, जिसके बाद खुदाई कर शिवलिंग को बाहर निकाला गया और मंदिर का पुनर्निर्माण कराया गया.

करोड़ों रुपये की लागत से बन रहा भव्य मंदिर

पुराने मंदिर भवन के जर्जर होने के बाद बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड की देखरेख में करोड़ों रुपये की लागत से मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण कराया जा रहा है. निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. श्रद्धालुओं का मानना है कि नया स्वरूप मिलने के बाद यह धाम बिहार के प्रमुख शिवधामों में और अधिक प्रतिष्ठित होगा.

सुबह चार बजे खुलेंगे गर्भगृह के पट

मंदिर के पुजारी ने बताया कि सावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रतिदिन सुबह चार बजे विशेष पूजा-अर्चना के बाद गर्भगृह के पट खोल दिए जाएंगे. दिनभर श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर सकेंगे. मंदिर में अर्घा के माध्यम से जलाभिषेक की व्यवस्था भी की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में भी आसानी से पूजा करने का अवसर मिलेगा.

श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था

मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, शौचालय और विश्राम की विशेष व्यवस्था की गई है. स्वास्थ्य विभाग की टीम, एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार केंद्र भी तैनात रहेंगे. इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से कांवरियों के लिए नि:शुल्क चाय, शरबत, पेयजल और अन्य सेवा शिविर लगाए जाएंगे.

हल्दी छपरा से जल लेकर पहुंचेंगे कांवरिये

हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में कांवरिये बिहटा से करीब 20 किलोमीटर दूर हल्दी छपरा स्थित गंगा-सोन संगम से पवित्र जल भरकर पैदल बाबा बिहटेश्वरनाथ धाम पहुंचेंगे. पूरे मार्ग पर "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से भक्तिमय माहौल रहेगा. रास्ते में कई स्थानों पर सेवा शिविर भी लगाए जाएंगे.

कई जिलों से पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु

बाबा बिहटेश्वरनाथ धाम में पटना, भोजपुर, नालंदा, जहानाबाद, अरवल, गया, सारण, नवादा और वैशाली सहित कई जिलों से श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां विशेष भीड़ रहती है. मंदिर में बच्चों के मुंडन संस्कार और घी का अखंड दीप जलाने की भी वर्षों पुरानी परंपरा है.

सुरक्षा के रहेंगे व्यापक इंतजाम

बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सावन के दौरान मंदिर परिसर और आसपास महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती रहेगी. भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ जेबकतरों और असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें.

Sawan 2026 की सोमवारी तिथियां

  • पहली सोमवारी: 3 अगस्त
  • दूसरी सोमवारी: 10 अगस्त
  • तीसरी सोमवारी: 17 अगस्त
  • चौथी सोमवारी: 24 अगस्त


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Monu kumar

Published by: Anjani Pandey

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >