Bihar News: रक्सौल आ रही 15274 नंबर की सत्याग्रह एक्सप्रेस में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब कोच की छत से अचानक शराब की बोतलें गिरने लगीं. ट्रेन उत्तर प्रदेश के पिपराइच स्टेशन से कप्तानगंज की ओर बढ़ रही थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्लीपर कोच S4 और S5 के बीच बाथरूम के ऊपर लगे सीलिंग पैनल से अचानक एक-एक कर करीब 20 से अधिक शराब की बोतलें नीचे गिरने लगीं. पहले तो यात्रियों को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन कुछ ही देर में पूरा मामला साफ हो गया.
तस्करी का नया तरीका आया सामने
जांच में सामने आया कि यह शराब तस्करी का नया और चौंकाने वाला तरीका है. आशंका जताई जा रही है कि ट्रेन के वाशिंग यार्ड में सीलिंग पैनल खोलकर उसमें शराब छिपाई जाती है. फिर ट्रेन जैसे ही बिहार की ओर बढ़ती है, उसे निकालने की कोशिश की जाती है.
बिहार में शराबबंदी के बीच बढ़ी तस्करी
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद तस्कर लगातार नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं. ट्रेन के सीलिंग पैनल में शराब छिपाकर ले जाना इसी कड़ी का एक नया तरीका माना जा रहा है.
वीडियो वायरल, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. लोग पूछ रहे हैं कि इतने बड़े स्तर पर तस्करी हो रही थी, तो अब तक इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
रेलवे पुलिस ने क्या कहा
रक्सौल RPF के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और ट्रेन के पहुंचने के बाद जांच की जाएगी. वहीं GRP थाना प्रभारी पवन कुमार ने भी कहा कि मामले की जांच जारी है.
कप्तानगंज में हो रही जांच
सूत्रों के मुताबिक, ट्रेन में मिली शराब को लेकर फिलहाल कप्तानगंज रेलवे पुलिस टीम जांच कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तस्करी के पीछे कौन लोग शामिल हैं और यह नेटवर्क कितना बड़ा है.
घटना के बाद कुछ देर के लिए यात्रियों में दहशत का माहौल रहा. हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन इस घटना ने रेलवे और प्रशासन की सतर्कता पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.
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