ग्रामीण इलाकों में एक घंटे अधिक मिलेगा हर घर नल का जल योजना से पानी

भीषण गर्मी को देखते हुए पीएचइडी ने सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि गुरुवार से दोपहर में एक घंटे की जगह अब कम से कम दो घंटा पानी दिया जाये, ताकि ग्रामीणों को पेयजल का संकट न हो.

पहल . भीषण गर्मी को देखते हुए पीएचइडी ने की व्यवस्था

संवाददाता, पटना

विभाग द्वारा पेयजलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव के संबंध में निर्गत अनुदेश के अनुसार हर घर नल का जल के तहत ग्रामीणों को सुबह में तीन घंटा, दोपहर में एक घंटा एवं शाम में दो घंटा पानी दिया जाता है, लेकिन भीषण गर्मी को देखते हुए पीएचइडी ने सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि गुरुवार से दोपहर में एक घंटे की जगह अब कम से कम दो घंटा पानी दिया जाये, ताकि ग्रामीणों को पेयजल का संकट न हो. विभाग ने केंद्रीय शिकायत निवारण कोषांग (टॉल फ्री नं-1800 123 1121) काम कर रहा है, जिसमें सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से पेयजल की समस्या के संबंध में शिकायत दर्ज की जाती है, जिसका निबटारा तुरंत होता है. वहीं, हर जिलों में भी पेयजल की समस्या के निबटारा के लिए नियंत्रण कक्ष काम कर रहा है.

पेयजल मिलने के दौरान नहीं होगी लोड शेडिंग

विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लोड शेडिंग के कारण जिस जगह पर विद्युत की अनुपलब्धता के कारण निर्धारित समय में पानी की सप्लाइ नहीं हो रहा होगा. वहां विद्युत विभाग से व्यक्तिगत संपर्क कर जलापूर्ति अवधि में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने और ग्रामीणों को निर्धारित अवधि में निर्वाध जलापूर्ति उपलब्ध कराया जाये. विद्युत अनुपलब्धता की स्थिति में विद्युत जब उपलब्ध हो तत्काल उसी समय जलापूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि लोगों के घरों में पानी पहुंचने में दिक्कत नहीं हो.

384 चापाकल लगाये गये

वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2595 अदद चापाकलों के निर्माण के लक्ष्य के विरुद्ध 384 चापाकल लगाये गये हैं. इसके अतिरिक्त आपदा मद में कुल 2010 अदद चापाकल लगाये जा रहे हैं, ताकि लोगों को पानी की दिक्कत नहीं हो. इसको लेकर विभाग ने जिलों को दिशा-निर्देश भेजा है. वहीं, गर्मी को देखते हुए सभी डीएम ने जिलों में 529 चलंत चापाकल मरम्मत दलों को रवाना किया था, ताकि बंद चापाकलों ठीक हो सकें.अब तक 55015 बंद चापाकलों को मरम्मत कर चालू कराया गया है.

497 वाटर टैंकर मौजूद

राज्य में 497 वाटर टैंकर पीएचइडी के पास हैं, जिनमें से नौ जिलों में 83 टैंकर के माध्यम से ग्रामीणों को जलापूर्ति पहुंच रही है. इसके अतिरिक्त राज्य में 15 अदद वाटर एटीएम भी आवश्यकतानुसार जलापूर्ति के लिए उपलब्ध है.

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