Rohini Acharya: रोहिणी ने पत्रकार को लगाई फटकार, गुस्से में बोलीं- तेजस्वी के कहने पर ही इस बार भी आई थी

Rohini Acharya: बिहार चुनाव में आरजेडी की करारी हार के बाद लालू यादव के परिवार में तनाव खुलकर सामने आ गया है. रोहिणी आचार्या ने राबड़ी आवास में हुई कथित बदसलूकी के विरोध में वीडियो जारी कर तेजस्वी यादव और उनके करीबियों पर गंभीर आरोप लगाए.

Rohini Acharya: पटना स्थित राबड़ी आवास में हुई दुर्व्यवहार की घटना से नाराज रोहिणी आचार्या ने एक वीडियो जारी किया है. इसमें वह एक पत्रकार से फोन पर गुस्से में बात कर रही हैं. रोहिणी ने अपने मायके आने को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह चुनाव के समय अपने भाई तेजस्वी यादव के बुलावे पर पटना आई थीं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब पिता को किडनी देने की जरूरत थी तो बेटा पीछे हट गया.

रोहिणी का x पोस्ट

रोहिणी आचार्य ने पोस्ट में क्या लिखा

मंगलवार को रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि जो लोग लालू प्रसाद यादव के नाम पर राजनीति करते हैं, वे दिखावटी सहानुभूति छोड़कर अस्पतालों में जिंदगी से जूझ रहे गरीब मरीजों को किडनी दान करने के लिए सामने आएं. उन्होंने अपने पिता को किडनी दान करने पर सवाल उठाने वालों को मंच पर खुली बहस की चुनौती भी दी.

उन्होंने तेजस्वी यादव के सलाहकार संजय यादव का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग बेटी की किडनी को गंदी बताते हैं, उन्हें खुद आगे बढ़कर इस महान दान की शुरुआत करनी चाहिए. इसी पोस्ट के साथ उन्होंने वह वीडियो भी साझा किया जिसमें वह एक पत्रकार से बेहद गुस्से में बातचीत करती नजर आईं.

आपने कहा कि राबड़ी देवी से बात हुई, कब बात हुई?

वीडियो में रोहिणी ने गुस्से में कहा, “हमें यह बात बुरी लगी कि आपने मेरी मां का नाम लिया. आपने कहा कि राबड़ी देवी से बात हुई, कब बात हुई? आप यह भी बोलते हैं कि बेटियों को बार-बार मायके में नहीं रहना चाहिए. आपने कहा बेटी कुंडी मार के बैठ गई है. इसका क्या मतलब है? पहले आप अपने घर जाकर अपनी बेटी, बहन, मां और बहू को यह बात समझाइए. इस बेटी की जिम्मेदारी आपकी नहीं है, हमारा संभालना लालू-राबड़ी का काम है. बेटी को कहां रहना चाहिए ये कौन तय करेगा? हम जब भी मायके आते हैं, उसका हिसाब आपसे नहीं देंगे. इस बार भी हम तेजस्वी के कहने पर आए थे.”

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दिल्ली में क्या बोलीं थी रोहिणी

दिल्ली पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में रोहिणी ने कहा कि उन्होंने केवल तेजस्वी यादव से दूरी बनाई है. उन्होंने कहा कि पिता लालू, मां राबड़ी और उनकी बहनें हमेशा उनके साथ हैं. इस विवाद के बाद लालू यादव की तीन अन्य बेटियां भी राबड़ी आवास से निकलकर दिल्ली चली गईं. पहले से ही पार्टी और परिवार से अलग किए गए तेज प्रताप यादव भी अपनी बहन रोहिणी के समर्थन में आ गए हैं. उन्होंने कहा कि मेरी बहन का जो अपमान करेगा उसपर भगवान कृष्ण का सुदर्शन चक्र चेलगा.

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लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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