Patna NEET Student Death Case: बिहार में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ लगातार सामने आ रही घटनाओं ने एक बार फिर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पटना समेत कई जिलों में हाल के दिनों में हुई बड़ी आपराधिक वारदातों के बाद सियासत भी तेज हो गई है. इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अब सीधे सरकार को कटघरे में खड़ा करने की रणनीति बनाई है.
राष्ट्रीय जनता दल ने राज्य में महिलाओं की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर 21 जनवरी 2026 (बुधवार) को एक विशाल ‘आक्रोश मार्च’ निकालने का ऐलान किया है. यह मार्च 2 बजे से निकाला जाएगा, जिसमें प्रदेश भर से महिला पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों और कार्यकर्ताओं के बड़ी संख्या में जुटने की उम्मीद है.
RJD का क्या है आरोप?
महिला RJD का आरोप है कि बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. विडंबना यह है कि सरकार के नाक के नीचे, राजधानी में भी बेटियां और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. पार्टी का कहना है कि प्रशासन ठोस कार्रवाई करने के बजाय मामलों में केवल लीपा-पोती कर रहा है, जबकि सत्ताधारी दल इस पूरे मुद्दे पर संवेदनहीन रवैया अपनाए हुए है.
RJD महिला सुरक्षा को बनाएगी राजनीतिक मुद्दा!
RJD की ओर से साफ संकेत है कि वह महिला सुरक्षा को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाएगी. पार्टी नेताओं का कहना है कि RJD हमेशा से महिलाओं के मान-सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई लड़ती रही है. ऐसे में प्रदेश के मौजूदा हालात में चुप बैठना संभव नहीं है.
हालिया घटनाओं को बड़े मौके के रूप में देख रही RJD
RJD हालिया आपराधिक घटनाओं को बड़े मौके के रूप में देख रही है. महिला सुरक्षा के सवाल पर सड़क पर उतरकर RJD न सिर्फ सरकार को घेरना चाहती है, बल्कि जनभावनाओं को अपने पक्ष में मोड़ने की भी कोशिश करती नजर आएगी. अब आगे देखने वाली बात ये होगी कि इस ‘आक्रोश मार्च’ से जनता आरजेडी से कितना कनेक्ट होती है. ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.
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