ED की जांच में दागी, SVU की चार्जशीट में बेदाग हुए कई अफसर, एक ही मामले में दो एजेंसियों के अलग-अलग निष्कर्ष

Bihar Tender Scam: रिशु श्री टेंडर घोटाला मामले में SVU ने चार्जशीट दाखिल कर दी है. दिलचस्प बात यह है कि ED की जांच में जिन कई प्रभावशाली IAS अधिकारियों के नाम सामने आए थे, SVU को उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले. अब सवाल उठ रहा है कि एक ही मामले में दो जांच एजेंसियों के निष्कर्ष इतने अलग कैसे हो गए?

Bihar Tender Scam: (पटना से मनोज कुमार की रिपोर्ट) ठेकेदार रिशु श्री से कथित रिश्वत लेकर सरकारी टेंडर दिलाने के हाई-प्रोफाइल मामले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. लेकिन इस चार्जशीट के सामने आने के बाद प्रशासनिक और कानूनी गलियारों में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.

दरअसल, जिस प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह पूरा मामला आगे बढ़ा और राज्य सरकार ने दो IAS अधिकारियों पर कार्रवाई की, उसी मामले में SVU के निष्कर्ष ED से अलग दिखाई दे रहे हैं.

ED की रिपोर्ट में गंभीर आरोप, SVU को नहीं मिले सबूत

ED की शुरुआती जांच में कई प्रभावशाली अधिकारियों के नाम सामने आए थे. आरोप था कि रिशु श्री के जरिए कुछ अधिकारियों को कथित तौर पर रिश्वत, महंगे गिफ्ट और विदेश यात्राओं का लाभ पहुंचाया गया. कुछ मामलों में ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों का भी जिक्र किया गया था.

इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने IAS अधिकारी अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर को निलंबित किया था. इसके बाद SVU ने भी कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. हालांकि, लंबी जांच के बाद SVU की चार्जशीट में इन आरोपों को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले.

चार्जशीट में किन सात लोगों के नाम?

SVU ने अपनी चार्जशीट में सात लोगों को आरोपी बनाया है.

  • संजीव हंस, तत्कालीन सचिव, जल संसाधन विभाग
  • मुमुक्षु चौधरी, तत्कालीन संयुक्त सचिव, वित्त विभाग
  • तारणी दास, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, भवन निर्माण विभाग
  • रिशु श्री, ठेकेदार
  • संतोष, मुखौटा कंपनी का कर्मी
  • पवन, मुखौटा कंपनी का कर्मी
  • उमेश कुमार, कार्यपालक अभियंता, बुडको

इन सभी पर रिशु श्री के माध्यम से लेनदेन और सरकारी निविदाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं.

जांच के दायरे में थे कई बड़े IAS अधिकारी

मामले की जांच केवल दो निलंबित अधिकारियों तक सीमित नहीं थी. जांच के दायरे में पांच वर्तमान IAS अधिकारी और एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी भी शामिल थे.

ED की रिपोर्ट में इन अधिकारियों के नाम कथित तौर पर रिशु श्री से जुड़े वित्तीय और अन्य लाभों के संदर्भ में सामने आए थे. लेकिन SVU की अंतिम जांच में इनके खिलाफ आरोप साबित करने योग्य साक्ष्य नहीं मिले.

SVU ने दी राहत, आगे नहीं बढ़ेगी कानूनी कार्रवाई?

चार्जशीट के अनुसार, पांच वर्तमान और एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए गए. ऐसे में उन्हें चार्जशीट में शामिल नहीं किया गया है. कानूनी जानकारों का मानना है कि इसका सीधा अर्थ यह है कि राज्य स्तर पर फिलहाल इन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई आगे बढ़ने की संभावना बेहद कम है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अब ED के सामने खड़ा हुआ नया कानूनी सवाल

इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प पहलू अब ED की आगे की कार्रवाई को लेकर है. मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में ED आमतौर पर ‘प्रेडिकेट ऑफेंस’ यानी मूल अपराध पर आधारित जांच करती है. इसके लिए स्थानीय एजेंसियों की FIR और चार्जशीट महत्वपूर्ण आधार मानी जाती है.

अब जबकि SVU ने कई अधिकारियों को साक्ष्य के अभाव में चार्जशीट से बाहर कर दिया है, ऐसे में यह देखना अहम होगा कि ED अपनी जांच को किस दिशा में आगे बढ़ाती है.

बड़ा सवाल बरकरार

एक ही मामले में दो जांच एजेंसियों के अलग-अलग निष्कर्षों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. ED की रिपोर्ट में जिन अधिकारियों के नाम गंभीर आरोपों के साथ सामने आए थे, SVU की जांच में उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले. ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि आगे अदालत और ED इस मामले को किस तरह से देखती हैं.

Also Read: पवन सिंह ने ‘भगवान बड़ी फुर्सत से…’ गाकर लूटी महफिल, आकाशदीप की शादी में झूमे मेहमान, दुल्हन ने छुए पैर

Also Read: भरत की मां रिटायर्ड जज से बोलीं- बेटे के हत्यारों को फांसी हो, SDM भी दोषी, बिलौटी पहुंचकर विनोद कुमार सिन्हा ने की जांच

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >