पटना एयरपोर्ट से पांच सार्क देश और 10 आसियान देशों के विमान भर सकेंगे नियमित उड़ान

पटना का जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के उन 18 हवाई अड्डों में शामिल हो गया है,

संवाददाता,पटना पटना का जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के उन 18 हवाई अड्डो में शामिल हो गया है, जहां से पांच सार्क देश बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, मालदीव, श्रीलंका और 10 आसियान के 10 देश सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, इंडोनेशिया, म्यांमार, कंबोडिया, फिलीपींस और लाओस की विमानन कंपनियां असीमित उड़ानों का संचालन कर सकती हैं. राज्यसभा में सोमवार को भाजपा के डॉ भीम सिंह के सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने यह जानकारी दी. डा भीम सिंह ने राज्यसभा में पटना हवाई अड्डे से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की मांग उठायी और चकाचक एयरपोर्ट के लिए आभार व्यक्त किया. साथ ही वाणिज्यिक अध्ययन की मांग भी रखी. उन्होंने यह जानने की भी इच्छा प्रकट की कि क्या सरकार खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे क्षेत्रों के लिए पटना से सीधी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें आरंभ करने की कोई ठोस योजना बना रही है, उसकी वर्तमान स्थिति तथा संभावित समय-सीमा क्या है. इसके उत्तर में नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने बताया कि पटना हवाई अड्डा एक सीमा शुल्क अधिसूचित हवाई अड्डा है, जहां से वर्तमान में कोई सीधी अंतर्राष्ट्रीय अनुसूचित उड़ानें संचालित नहीं हो रही हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नागर विमानन क्षेत्र के विकास के लिए एक सक्षम वातावरण निर्मित किया है और पटना हवाई अड्डे को देश के उन 18 पर्यटन गेटवे गंतव्यों में शामिल किया गया है, जहां से भारतीय विमानन कंपनियां और पांच सार्क देशों तथा 10 आसियान देशों की विमानन कंपनियाँ असीमित उड़ानों का संचालन कर सकती हैं. मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और अन्य देशों के बीच हुए हवाई सेवा समझौतों के अंतर्गत भारतीय नामित एयरलाइनों को पटना सहित किसी भी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से खाड़ी देशों तथा दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों तक उड़ानें संचालित करने की अनुमति प्राप्त है. उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की उड़ानों का संचालन मार्ग की आर्थिक व्यवहार्यता और वाणिज्यिक निर्णयों पर आधारित होता है. डॉ भीम सिंह ने पूरक प्रश्न के माध्यम से कहा कि अगला तार्किक कदम यह होना चाहिए कि पटना से खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए सीधी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की वाणिज्यिक व्यवहार्यता का गंभीर अध्ययन कराया जाये. उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं, कामगारों और बड़ी प्रवासी जनसंख्या के हित में यह एक अत्यंत आवश्यक और व्यावहारिक कदम होगा. वहीं मंत्री मने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार नागर विमानन अवसंरचना के विस्तार और क्षेत्रीय संपर्कता को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसके अंतर्गत बिहार के पटना, गया हवाई अड्डे सहित अन्य अड्डों के विकास हेतु सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं.

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Published by: Kumar prabhat

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