नन फंक्शनल एनजीओ और सोसायटी का निबंधन होगा रद्द

राज्य में निबंधित ऐसे एनजीओ और सोसायटी जो कागजों पर तो मौजूद हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं कर रहे उनके निबंधन रद्द करने की तैयारी हो गयी है.

संवाददाता,पटना राज्य में निबंधित ऐसे एनजीओ और सोसायटी जो कागजों पर तो मौजूद हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं कर रहे उनके निबंधन रद्द करने की तैयारी हो गयी है. ऐसे कागजी संस्थानों पर सख्त कार्रवाई होने जा रही है. मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग उन संस्थाओं को चिह्नित कर रहा है, जो वर्षों से निष्क्रिय हैं या जिनका पता बदल गया है या जो निर्धारित आधार पर काम नहीं कर रहें हैं. 10 वर्षों में 4570 एनजीओ का हुआ ऑनलाइन निबंधन : राज्य में 1860 से 2016 तक कुल 34 हजार 776 एनजीओ का निबंधन हुआ है. 2016 के बाद ऑनलाइन निबंधन की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली, जिसके तहत अबतक कुल 4570 एनजीओ और 1771 फर्म निबंधित किये गये हैं. एनजीओ और फर्म में अंतर : एनजीओ और फर्म दोनों गैर-सरकारी संगठन हैं. एनजीओ समाज के लिए कल्याणकारी योजनाओं पर काम करते हैं, जबकि फर्म दो या दो से अधिक व्यक्तियों से शुरू की जाती है और अपने लाभ के लिए काम करती है. देशभर में क्रियाशील एनजीओ के लिए 25 हजार और राज्यस्तर के लिए 15 हजार रुपए शुल्क निर्धारित है. वहीं, फर्म के लिए एक हजार रुपए शुल्क लिया जाता है.

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Published by: Rakesh ranjan

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