रौशन आनंद के भाई प्रिंस की नेपाल में संदिग्ध मौत, खान सर की ओर से दर्ज FIR में था नाम

Raushan Anand Brother Death: पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. नेपाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है. खान सर की ओर से कराई गई FIR में प्रिंस का भी नाम शामिल था.

Raushan Anand Brother Death: पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. कोचिंग संचालक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना आ रही है. बताया जा रहा है कि अत्यधिक शराब पीने से उनकी तबीयत बिगड़ गई. जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जा गया. इलाज के दौरान मौत हो गई. हालांकि, मौत की वजह की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

जानकारी के अनुसार, प्रिंस यादव नेपाल के एक होटल में अपने 6-7 साथियों के साथ ठहरे हुए थे. देर रात उनकी संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई. घटना के बाद नेपाल पुलिस ने होटल में मौजूद अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है. मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है.

FIR के बाद नेपाल चले गए थे प्रिंस

खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े विवाद के बाद दर्ज FIR में प्रिंस यादव का नाम भी शामिल है. इसके बाद वे अपने साथियों के साथ नेपाल चले गए थे. बताया जा रहा है कि FIR के बाद वे लगातार नेपाल में ही रह रहे थे. जानकारी के अनुसार, प्रिंस यादव पर 2021 में भी खान सर की कोचिंग पर हमले का आरोप लग चुका है. इसी मामले को लेकर विवाद लगातार बढ़ता रहा.

खान सर की ओर से कराई गई FIR में क्या कहा गया है?

खान सर की कोचिंग का मैनेजमेंट देखने वाले कन्हैया कुमार सिंह की ओर से FIR करवाई गई थी. इसमें बताया गया है कि मैं पटना जिले के कदमकुआं थाना के अंतर्गत खान ग्लोबल स्टडीज मुसल्लहपुर हाट का मैनेजमेंट संभालता हूं.

आज दिनांक 02.06.2026 को करीब रात 10:00 बजे तक क्लास चलने के बाद कोचिंग बंद की गई थी. मेरी कोचिंग के गार्ड चुनचुन उम्र 25 साल को ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के कहने पर पीटा गया.

अभिषेक और प्रिंस (रौशन आनंद का भाई) और उसका स्टाफ रौशन, गौरव के साथ करीब 15-20 लड़के अचानक मेरे कोचिंग के गेट पर आए और गार्ड को खींचकर मारपीट करने लगे जिससे उसका सिर फट गया. हल्ला होने पर अगल-बगल के लोग भी जुटने लगे. तब सभी लड़के तोड़फोड़ और गाली-गलौज करने लगे और हमारे कोचिंग का बोर्ड और बैरिकेडिंग, खान सर का फोटो तोड़ दिया.

खान सर की ओर से कराई गई fir की कॉपी

रौशन आनंद की जमानत पर सोमवार को होगी सुनवाई

इस केस में ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी. कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद फिलहाल जेल में बंद हैं. उनकी जमानत पर सोमवार को सुनवाई होनी है. वहीं, खान सर के दो गार्ड्स भी फिलहाल जेल में हैं. उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है. पटना सिविल कोर्ट ने खान सर की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा रखी है.

Also Read: बिहार पुलिस अभ्यर्थियों ने पाटलिपुत्र स्टेशन पर क्यों किया हंगामा? ट्रेनें रोकीं, तोड़फोड़-पथराव के बाद पुलिस को करनी पड़ी हवाई फायरिंग

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >