बिहार में शुरू हुआ किसान आंदोलन, साथ दिखे राकेश टिकैत और सुधाकर सिंह, बोले- पटना की सड़कों पर चलेंगे ट्रैक्टर

कैमूर में किसानों की समस्या को लेकर महापंचयत कर रहे राकेश टिकैत ने कहा कि अपना बिहार और अपना खेत का नारा लग चुका है. जल्द ही बिहार मुक्ति अभियान चलाया जाएगा और यहां की मंडियां भी आजाद होंगी.

किसानों की समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत द्वारा कैमूर में आज यानी 25 फरवरी को किसान महापंचायत लगायी है. किसानों की समस्या को लेकर इसका शंखनाद पहले ही बक्सर पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत द्वारा किया जा चुका है. कैमूर में आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि बिहार सरकार में कृषि मंत्री रह चुके राजद विधायक सुधाकर सिंह भी शामिल हो रहे हैं.

पटना की सड़कों पर चलेंगे ट्रैक्टर

कैमूर में किसानों की समस्या को लेकर महापंचयत कर रहे राकेश टिकैत ने कहा कि अपना बिहार और अपना खेत का नारा लग चुका है. जल्द ही बिहार मुक्ति अभियान चलाया जाएगा और यहां की मंडियां भी आजाद होंगी. उन्होंने कहा कि बिहार की मंडिया जबतक आजाद नहीं होंगी किसानों का ट्रैक्टर मार्च चलता रहेगा और आने वाले दिनों में इसका नजारा पटना की सड़कों पर भी देखने को मिलेगा. किसानों को लेकर राकेश टिकैत की इस मुहिम में पूर्व मंत्री सुधाकर सींगह भी उनका साथ दे रहे हैं.

कल भी महापंचायत

गौरतलब है कि हाल में बक्सर में किसानों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर बक्सर पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत को किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर कैमूर में आने का न्योता कैमूर किसान मोर्चा द्वारा दिया गया था. इसके बाद किसान नेता ने कैमूर में महापंचायत लगाने की घोषणा की थी. इधर, राकेश टिकैत की इस महांपचायत को लेकर जहां कैमूर किसान मोर्चा द्वारा जिले की विभिन्न पंचायतों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने के लिए जन जागृति अभियान चलाया गया. 26 फरवरी को भी कैमूर में किसान महापंचायत का आयोजन होगा. वहीं बक्सर में 27 व 28 फरवरी को इसका आयोजन होगा.

महापंचायत को सफल बनाने के लिए कमर कस चुके किसान 

दूसरी तरफ पिछले दो दिनों से जगह-जगह पर बैठक कर किसान संगठन और किसान इस महापंचायत को सफल बनाने के लिए कमर कस चुके हैं. किसानों की समस्या को लेकर कई सामाजिक और राजनैतिक संगठन भी मैदान में उतर चुके हैं. मिलाजुला कर किसान महापंचायत आरपार की लड़ाई का बड़ा संकेत देते दिखता है. इस महापंचायत में वर्तमान में जिले के चांद, भभुआ, रामपुर, भगवानपुर आदि प्रखंड के किसानों की सबसे ज्वलंत समस्या भारत माला परियोजना के तहत सरकार द्वारा अधिग्रहित भूमि के उचित मुआवजा नहीं मिलने का है. किसान इसे लेकर पिछले माह से ही धरना, प्रदर्शन, तालाबंदी आदि कर रहे हैं.

Also Read: होली से पहले वकीलों को बिहार सरकार का बड़ा तोहफा, फीस में हुई बढ़ोतरी, अब मिलेंगे इतने रुपये
ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ किसान महापंचायत में हुए शामिल

एनएच 219 और भारत माला परियोजना को लेकर किसानों के भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, परंतु उचित मुआवजा किसानों को नहीं मिल पा रहा है. न ही किसानों की भूमि का सही आकलन हो रहा है. किसानों द्वारा बार-बार आग्रह और पूर्व में कई बार धरना प्रदर्शन करने के बाद भी सुधार नहीं होने से किसानों में काफी आक्रोश है. इसके बाद किसानों ने एकजुट होकर संघर्ष करने का फैसला लिया. इस आलोक में राष्ट्रीय किसान नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में 25 फरवरी को चांद प्रखंड मुख्यालय में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया. इसमें पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने भी शिरकत की. 25 फरवरी को हजारों की संख्या में प्रखंड चांद तथा विभिन्न प्रखंडों से किसान अपने ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ महापंचायत में शामिल हुए. रैली में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >