BJP MLA: बिहार के साहिबगंज से भाजपा विधायक राजू सिंह ने हर्ष फायरिंग मामले में सजा से राहत पाने के लिए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मंगलवार को उनके वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि राजू सिंह को अच्छे आचरण के आधार पर प्रोबेशन का लाभ दिया जाए और उन्हें रिहा किया जाए. अदालत में उनकी ओर से दलील दी गई कि राजू सिंह छह बार विधायक रह चुके हैं. उनके खिलाफ पहले कभी कोई दोष साबित नहीं हुआ है. ऐसे में उनके पिछले सार्वजनिक जीवन और रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें अच्छे व्यवहार की शर्त पर राहत दी जानी चाहिए.
कोर्ट ने मांगी प्रोबेशन अधिकारी की रिपोर्ट
राजू सिंह की ओर से पेश दलीलों को सुनने के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रोबेशन अधिकारी से डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी है. इसके साथ ही अदालत ने इस घटना में जान गंवाने वाली डॉ. अर्चना गुप्ता के परिवार को भी नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा है. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई तय की है. अब इस सुनवाई में अदालत के सामने प्रोबेशन रिपोर्ट और पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया भी रखी जाएगी.
गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी ठहरा चुकी है अदालत
इससे पहले स्पेशल जज विशाल गोगने की अदालत राजू कुमार सिंह को हर्ष फायरिंग से हुई मौत के मामले में दोषी करार दे चुकी है. यह मामला दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में आयोजित नए साल की पार्टी से जुड़ा है. अदालत ने राजू सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-2 के तहत गैर इरादतन हत्या का दोषी माना था. इसके अलावा शस्त्र लाइसेंस से जुड़े नियमों के उल्लंघन के मामले में भी उन्हें दोषी ठहराया गया था.
पत्नी और अन्य आरोपियों को मिली राहत
अदालत ने इस मामले में राजू सिंह की पत्नी रेनू सिंह और दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था. रेनू सिंह पर आरोप था कि घटना के बाद उन्होंने डांस फ्लोर से खून के निशान साफ किए थे और सबूत मिटाने की कोशिश की थी. यह भी आरोप लगाया गया था कि उन्होंने इस्तेमाल किए गए कारतूस अपने पति को दिए और उन्हें वहां से जाने के लिए कहा.
अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियां और अभियोजन पक्ष इन आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सके. इसी वजह से उन्हें इन आरोपों से राहत दे दी गई.
अदालत ने फायरिंग को माना लापरवाही भरा कदम
अपने फैसले में अदालत ने कहा था कि नए साल के जश्न के दौरान की गई हर्ष फायरिंग बेहद लापरवाही भरा और खतरनाक कदम था. अदालत के अनुसार 31 दिसंबर 2018 और 1 जनवरी 2019 की रात आयोजित पार्टी में हुई गोलीबारी के दौरान एक महिला की जान चली गई थी. अदालत ने माना कि इस घटना में राजू सिंह की भूमिका साबित होती है.
अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि हर्ष फायरिंग समाज के लिए एक गंभीर समस्या और अभिशाप बन चुकी है. कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले से जुड़े कुछ साक्ष्य कथित तौर पर नष्ट कर दिए गए थे, लेकिन उपलब्ध गवाहों और सबूतों के आधार पर यह साबित होता है कि गोली राजू सिंह ने ही चलाई थी. कई प्रत्यक्षदर्शियों ने भी उनकी पहचान की थी.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
राजू सिंह की पिस्तौल से चली गोली से हुई थी मौत
अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि राजू सिंह ने अपनी 0.22 बोर की पिस्तौल से कई राउंड फायर किए थे. कोर्ट के मुताबिक आधी रात के आसपास की गई यह फायरिंग वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद खतरनाक थी. इसी दौरान चली एक गोली डॉ. अर्चना गुप्ता को लगी, जिससे उनकी मौत हो गई. अदालत ने माना कि इस घटना के लिए राजू सिंह जिम्मेदार हैं.
इसे भी पढ़ें: बिहार में जमीन नपवाना हुआ दोगुना महंगा, सासामूसा चीनी मिल फिर चलेगी, सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला
अब 30 दिनों में मिलेगी फैक्ट्री खोलने की मंजूरी, बिहार में लागू हुआ सिंगल विंडो सिस्टम
