Amit Shah Bihar Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को बिहार के पूर्णिया में हाई लेवल मीटिंग की. यह बैठक करीब ढाई घंटे तक चली. मुख्य फोकस सीमांचल में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक और सीमा सुरक्षा को मजबूत करना रहा. बैठक के बाद उनका तीन दिवसीय बिहार दौरा समाप्त हो गया. दोपहर बाद वे पूर्णिया से दिल्ली के लिए रवाना हो गए.
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी मौजूद रहे. राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार ने भी हिस्सा लिया. इसके अलावा गृह विभाग, एसएसबी, नारकोटिक्स कंट्रोल, आईबी और अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
सूत्रों के मुताबिक सीमावर्ती जिलों में कानून-व्यवस्था, ड्रग्स तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा हुई. अधिकारियों को सख्त निगरानी और समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए.
तीन दिन का सीमांचल दौरा
गृह मंत्री 25 फरवरी को सीमांचल दौरे पर पहुंचे थे. पहले दिन उन्होंने किशनगंज में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. दूसरे दिन वे अररिया पहुंचे. वहां उन्होंने सशस्त्र सीमा बल की दो नई सीमा चौकियों का उद्घाटन किया. साथ ही करीब 175 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की.
अररिया में उन्होंने सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की.
घुसपैठ पर बनेगी सख्त रणनीति
सीमांचल क्षेत्र नेपाल और बांग्लादेश सीमा के करीब है. ऐसे में घुसपैठ और अवैध गतिविधियां लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं. अररिया में गृह मंत्री ने साफ कहा कि सीमांचल में घुसपैठ रोकने के लिए व्यापक योजना जल्द लागू की जाएगी.
पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिले सीमांचल का हिस्सा हैं. यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है. इसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी चिकन नेक का प्रवेश द्वार कहा जाता है. किशनगंज का कुछ भाग इसी कॉरिडोर में आता है.
सरकार का दावा है कि बीते वर्षों में जनसांख्यिकीय बदलाव के संकेत मिले हैं. इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को और सतर्क रहने को कहा गया है.
बॉर्डर के 10 किलोमीटर दायरे में एक्शन
गृह मंत्री ने नेपाल सीमा से सटे इलाकों में अतिक्रमण हटाने का सख्त निर्देश दिया है. अधिकारियों को कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर बुलडोजर कार्रवाई की जाए. सीमा से 10 किलोमीटर के अंदर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
इस निर्देश के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. सीमावर्ती जिलों में सर्वे और चिन्हांकन की तैयारी शुरू हो गई है.
सीमांचल में बढ़ी सियासी हलचल
गृह मंत्री का यह दौरा सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है. सीमांचल क्षेत्र लंबे समय से सुरक्षा और जनसंख्या के मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा है. ऐसे में आगामी चुनावों से पहले यह दौरा कई संदेश देता है. फिलहाल साफ है कि केंद्र सरकार सीमांचल को लेकर सख्त रुख अपनाने के मूड में है. आने वाले दिनों में यहां सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था और कड़ी होने की संभावना है.
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